पहलगाम आतंकी हमले के पीछे की वजह बतायी विदेश मंत्री ने
राष्ट्रीय खबर
नईदिल्लीः पहलगाम में हुए आतंकी हमले के लिए पाक सेना प्रमुख असीम मुनीर की कट्टरपंथी धार्मिक विचारधारा जिम्मेदार है। भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने गुरुवार को यह दावा किया। विदेश मंत्री ने दावा किया कि पहलगाम में हमला मुनीर की विचारधारा से प्रेरित था।
डच मीडिया से बात करते हुए जयशंकर ने कहा, पहलगाम में बर्बर हमले का उद्देश्य कश्मीर के पर्यटन उद्योग को पंगु बनाना और धार्मिक विभाजन को भड़काना था।
धर्म के आधार पर 26 लोगों को उनके परिवारों के सामने ही मार दिया गया। यह इस तरह से किया गया, जिससे पर्यटन को नुकसान पहुंचे, जो कश्मीर की अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार है।
गौरतलब है कि पहलगाम हमले से कुछ दिन पहले मुनीर पर द्वि-राष्ट्र सिद्धांत का मुद्दा उठाकर धार्मिक कलह को भड़काने का आरोप लगाया गया था। बातचीत में कश्मीर मुद्दा भी उठा।
इस मुद्दे का जिक्र करते हुए भारतीय विदेश मंत्री ने कहा, इस मुद्दे को समझने के लिए आपको इसे पाकिस्तान के नजरिए से देखना होगा, खासकर उनके सेना प्रमुख के नजरिए से। आसिम मुनीर के विचार अत्यंत धार्मिक हैं। यह विचारधारा स्पष्ट रूप से पहलगाम में किए गए हमले से जुड़ी हुई है।
इतना ही नहीं, जयशंकर से पहलगाम की घटना के बाद दोनों देशों के बीच संघर्ष की स्थिति के बारे में भी सवाल किया गया। यह वह समय था जब भारत-पाक युद्धविराम में अमेरिका की भूमिका पर चर्चा हुई थी। इस संदर्भ में जयशंकर ने स्पष्ट किया कि संघर्ष विराम में मध्यस्थता का अमेरिका का दावा सत्य नहीं है।
पाकिस्तान ने 10 मई को युद्ध विराम के लिए वार्ता शुरू करने वाला पहला देश था। दोनों देश हॉटलाइन के जरिए संवाद करते हैं। जयशंकर ने कहा, भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम पर सीधी बातचीत हुई। हम अमेरिका सहित सभी देशों से कहते हैं कि यदि वे समझौता चाहते हैं तो उन्हें हमसे सीधे बात करनी होगी।
और यही कारण है कि ऐसा हुआ। संयोगवश, पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ की कैबिनेट ने हाल ही में जनरल मुनीर को फील्ड मार्शल के पद पर पदोन्नत करने का औपचारिक निर्णय लिया। यह मंगलवार से प्रभावी हो गया है।
मुनीर, दिवंगत पूर्व सैन्य शासक अयूब खान के बाद पाकिस्तानी सेना में प्रतिष्ठित पांच सितारा रैंक पाने वाले दूसरे अधिकारी हैं। पाकिस्तान के सेना प्रमुख को भारत के ऑपरेशन सिंदूर के जवाब में पाकिस्तान के ऑपरेशन बनयान-उन-मर्सस की सफलता के पुरस्कार के रूप में इस पद पर पदोन्नत किया गया था। उस माहौल में इस बार भारतीय विदेश मंत्री ने मुनीर को निशाना बनाया।