आतंकवादियों को सौंपकर शांति कायम करे पाकिस्तान
राष्ट्रीय खबर
नईदिल्लीः वैश्विक स्तर पर भारत के कूटनीतिक प्रयासों को सफलता मिली है। भारत ने दुनिया भर के देशों में फोटो दिखाकर यह सवाल किया है कि एक वैश्विक आतंकवादी घोषित व्यक्ति के साथ पाकिस्तानी सेना के अफसरों का खड़ा होना, क्या दर्शाता है। वह भी जब इस व्यक्ति की मौजूदगी के बारे में पाकिस्तान बार बार झूठ बोलता आया है।
इससे आगे बढ़ते हुए भारत ने पाकिस्तान से युद्ध प्रयासों को कम करने और मसूद अजहर और हाफिज सईद को सौंपने को कहा। भारत चाहता है कि पाकिस्तान जल्द से जल्द तनाव कम करे। अगर पाकिस्तान ऐसा नहीं करता है तो उसे ‘भारी कीमत चुकानी पड़ेगी’। नई दिल्ली की सरकार यह भी चाहती है कि इस्लामाबाद मसूद अजहर (आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का संस्थापक) और उसके भाई रऊफ अजहर के साथ-साथ हाफिज सईद (लश्कर-ए-तैयबा का संस्थापक, जिसे आतंकवादी संगठन भी घोषित किया गया है) को सौंप दे।
एक सूत्र ने कहा, पाकिस्तान को समस्या के मूल कारण पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए जो उनके देश से आतंकवाद को खत्म करना है। अजहर और सईद (ऊपर की तस्वीर में) जैसे शीर्ष आतंकवादियों की मांग तब आई है जब अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते युद्ध को हमारा कोई काम नहीं’ बताया।
भारत के ऑपरेशन सिंदूर के प्रति पाकिस्तानी सेना की जवाबी कार्रवाई ने नई दिल्ली के मामले को और मजबूत कर दिया है। इस्लामाबाद में आतंकवादियों और सुरक्षा प्रतिष्ठान के बीच गठजोड़ गहरा है। हमारे पहले हमले ने पाकिस्तान को वहीं रुकने का मौका दिया क्योंकि हमने कहा था कि हम केवल आतंकवादी ढांचे पर ही हमला कर रहे हैं। भारतीय सेना के कई पूर्व अधिकारियों ने कहा, यह यहीं खत्म हो सकता था। दो परमाणु शक्तियों की ओर से युद्ध प्रयासों में लगातार दो दिनों तक हुई तीव्र वृद्धि ने दुनिया को परेशान कर दिया है।