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पूरे पूर्वोत्तर सीमा पर एलर्ट की स्थिति

बांग्लादेश और चीन की हर गतिविधि पर अब सरकार की नजर

  • सेना की सक्रियता इन इलाकों में बढ़ी

  • मां कामाख्या मंदिर में पूजा की गयी

  • आरएसएस के मणिपुर मार्च की निंदा

भूपेन गोस्वामी

गुवाहाटी :  भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव के बाद अब देश का पूर्वोत्तर हिस्सा भी सुरक्षा के लिहाज से अलर्ट मोड पर है। पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर भारतीय मिसाइल हमलों के बाद पूर्वोत्तर की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर सेना और सुरक्षाबलों की मौजूदगी बढ़ा दी गई है। चीन, म्यांमार और बांग्लादेश से सटे इन इलाकों की रणनीतिक स्थिति को देखते हुए सेना पूरी तरह से सतर्क हो गई है।

पिछले करीब 10 दिनों से सीमा से लगे रास्तों पर सेना के भारी-भरकम बख्तरबंद वाहनों और टैंक की टुकड़ियां देखी जा रही हैं। सेना के जवान अब दुर्गम इलाकों में तेजी से तैनात किए जा रहे हैं, ताकि किसी भी अप्रत्याशित स्थिति से निपटा जा सके।

भारत के सिलीगुड़ी कॉरिडोर, जिसे चिकन नेक कहा जाता है, पूर्वोत्तर को देश के बाकी हिस्से से जोड़ने वाला एकमात्र ज़मीनी रास्ता है। यह 60 किमी लंबा और 20 किमी चौड़ा इलाका तीन देशों- नेपाल, भूटान और बांग्लादेश की सीमा से सटा है। सामरिक विशेषज्ञों का मानना है कि युद्ध की स्थिति में चीन इस कॉरिडोर को बंद करने की रणनीति अपना सकता है। इसी खतरे को भांपते हुए भारत ने यहां सुरक्षा को अभूतपूर्व स्तर पर बढ़ा दिया है।

भक्तों ने शुक्रवार सुबह असम के गुवाहाटी में कामाख्या मंदिर में प्रार्थना की और भारतीय सेना के लिए आशीर्वाद मांगा। भारतीय सेना के प्रति आभार व्यक्त करते हुए, कई लोग चाहते हैं कि वे आतंकवाद को खत्म करें जो भारत की अखंडता के लिए खतरा है।

उधर मणिपुर में कुकी जनजातियों के शीर्ष संगठन कुकी इनपी मणिपुर (केआईएम) ने प्रस्तावित चलो मणिपुर मार्च का कड़ा विरोध किया है और इसे विस्थापित मैतेई व्यक्तियों के पुनर्वास की आड़ में कुकी-बहुल पहाड़ी क्षेत्रों में जबरन घुसने का एक गुप्त प्रयास बताया है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और उसके सहयोगियों द्वारा समर्थित नियोजित मार्च को भड़काऊ, भ्रामक और खतरनाक बताया।  संगठन ने चेतावनी दी कि इस तरह की लामबंदी क्षेत्र को और अस्थिर कर सकती है और सांप्रदायिक हिंसा को फिर से भड़का सकती है।

केंद्रीय और राज्य सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम ने पिछले 36 घंटों में मणिपुर के तीन घाटी जिलों में कई छापेमारी कर तीन अलग-अलग उग्रवादी संगठनों से जुड़े 12 भूमिगत कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया है। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, गिरफ्तार किए गए लोगों के पास से हथियार, गोला-बारूद, विस्फोटक, आधार कार्ड, 12 मोबाइल फोन, दो वाहन और लूटी गई 21,330 रुपये की नकदी बरामद की गई।

यह कार्रवाई बैंकों, सरकारी कार्यालयों, कर्मचारियों, शैक्षणिक संस्थानों और निजी प्रतिष्ठानों से जबरन वसूली, अपहरण और पैसे की मांग करने वाले उग्रवादियों को लक्षित करके की गई।  12 लोग गिरफ्तार इंफाल ईस्ट और बिष्णुपुर जिलों में स्थित ठिकानों से कांगलीपाक कम्युनिस्ट पार्टी (केसीपी-नोयोन) से जुड़े छह उग्रवादियों को गिरफ्तार किया गया