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तेरे मेरे बीच में कैसा है यह .. .. .. ..

तेरे मेरे बीच में वाकई यह कैसा बंधन है, कुछ समझ में नहीं आता है। बात को भारत में पैसा भेजने की हो रही थी अचानक एक अखबार ने इस गुब्बारे की हवा यह कहकर निकाल दी कि दरअसल यह पैसा बांग्लादेश में भेजा गया था। देश में जो गर्मागम माहौल बनाया जा रहा था, वह अचानक से फुस्स हो गया। वइसे इस घटना ने फिर से कई बातों की याद दिला दी। मसलन राज्यसभा में नोट का पाया जाना, संसद के मकर द्वार पर मार पीट होना। सभी मुद्दों पर अचानक से पर्दा डाल दिया गया। मजेदार बात यह है कि विरोधियों ने भी इन मुद्दों पर ज्यादा जोर नहीं दिया और सीसीटीवी फुटेज दिखाने की मांग दोबारा नहीं की।
वइसे अभी मोदी जी अपने प्रिय दोस्त डोनाल्ड ट्रंप से मिलने अमेरिका गये थे। दोनों ने गले मिलते, हाथ मिलाते और मुस्कुराते हुए काफी फोटो सोशल मीडिया पर जारी किये। इसके बाद भी हथकड़ी और बेड़ियों में बांधे गये अवैध अप्रवासी भारतीयों को अमृतसर उतारा गया। जिनलोगों को उतारा गया था, उनमें गुजरात के भी कई लोग थे, जो अचानक से गायब हो गये। अब इस गुजरात मॉडल पर कोई बोलने तक के लिए तैयार नहीं है। यह भी कहता है कि तेरे मेरे बीच कोई तो बंधन जरूर है।
अपने राहुल गांधी भी बड़े अजीब है। अमेरिका में जो घाव लगा था, उसे यहां फिर से हरा कर दिया। प्रेस से बचकर चलने वाले अपने प्रधानमंत्री अमेरिका में अडाणी के सवाल से नाराज हो गये थे जो उनके चेहरे से साफ साफ झलक गया था। बढ़िया है कि भारत में प्रेस कांफ्रेंस नहीं करते वरना भाई लोग अइसा अइसा सवाल पूछ लेते कि माहौल ही खराब हो जाता क्योंकि प्रेस के पास भारत के प्रधानमंत्री और भाजपा के बारे में सवाल पूछने को बहुत कुछ है। अब सब कुछ ठंडा पढ़ रहा था तो राहुल गांधी ने अमेरिका से भारत सरकार को मिले संदेश की चर्चा कर दी, जिसमें घूसखोरी कांड के अभियुक्त तक जानकारी पहुंचाने का आग्रह अमेरिका सरकार ने भारत सरकार से कर दिया है। इसलिए किसके साथ किसका और कैसा बंधन है, यह लाख टके की बात है। इसी बात पर एक चर्चित फिल्म एक दुजे के लिए का यह गीत याद आने लगा है। इस गीत को लिखा था आनंद बक्षी ने और संगीत में ढाला था लक्ष्मीकांत प्यारेलाल की जोड़ी ने। इसे लता मंगेशकर और एसपी बालासुब्रमणियम ने अपना स्वर दिया था। गीत के बोल इस तरह हैं
ओ, तेरे मेरे बीच में -२
कैसा है यह बन्धन अंजाना -३
मैंने नहीं जाना, तूने नहीं जाना -२
तेरे मेरे बीच में …
एक डोर खींचे दूजा दौड़ा चला आए -२
कच्चे धागे में बंधा चला आए
ऐसे जैसे कोई … ऐसे जैसे कोई, दीवाना -२
मैंने नहीं जाना, तूने नहीं जाना तेरे मेरे बीच में …

हो हो आपड़िया
हा हा जैसे सब समझ गया
पहनूँगी मैं तेरे हाथों से कंगना -२
जाएगी मेरी डोली तेरे ही अंगना
चाहे कुछ कर ले … चाहे कुछ कर ले, ज़माना -२
मैंने नहीं जाना, तूने नहीं जाना
तेरे मेरे बीच में …
नी रोम्बा अड़गा इरुक्के
रम्बा? ये रम्बा-मम्बा क्या है?
इतनी ज़ुबानें बोलें लोग हमजोली -२
दुनिया में प्यार की एक है बोली
बोले जो शमा … बोले जो शमा, परवाना -२
मैंने नहीं जाना, तूने नहीं जाना
परवा इल्लये नल्ला पादरा क्या?
कैसा है यह बन्धन अंजाना
मैंने नहीं जाना, तूने नहीं जाना
तेरे मेरे बीच में …
तेरे मेरे बीच में कैसा है ये बन्धन अन्जाना
मैं ने नहीं जाना, तू ने नहीं जाना
एक डोर खींचे दूजा दौड़ा चला आए -२
कच्चे धागे में बंधा चला आए
ऐसे जैसे कोई …
ऐसे जैसे कोई, दीवाना -२
मैंने नहीं जाना, तूने नहीं जाना
तेरे मेरे बीच में …
नींद न आये मुझे चैन न आये
लाख जतन कर रोक न पाये
सपनों में तेरा
ओ, सप्नों में तेरा आना जाना
मैं ने नहीं जाना, तू ने नहीं जाना
तेरे मेरे बीच में …
रिश्तों की इस जद्दोजहद में अभी चुनाव आयोग का मसला सुप्रीम कोर्ट में अटका हुआ है। नये मुख्य चुनाव आयुक्त कार्यभार ग्रहण कर चुके हैं। पहले वाले यानी राजीव कुमार महाराष्ट्र में मतदाताओं की संख्या बढ़ने वाले सवाल का उत्तर दिये बिना ही रफू चक्कर हो गये। अब आगे कोई कुछ बोले उससे पहले ही बंगाल में ममता दीदी ने दूसरा बम फोड़ दिया कि एक पंचायत में इतने अधिक वोटर कैसे बढ़ गये हैं और अनेक लोगों का एक ही टेलीफोन नंबर क्यों है। कुल मिलाकर बंधन का पेंच अब हाथ और दिल से निकलकर गरदन तक चलता जा रहा है। कौन किसके बंधन में है, यह बड़ी बात है क्योंकि हर बार मामले को दूसरी तरफ धकेलने का खेल अब पुराना पड़ता जा रहा है और देश का मैंगो मैन इसे समझ रहा है।