Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
बापटला बीच पर मिला शिवलिंग पीठम और मूर्तियां; लहरों के साथ बहीं या जमीन से निकलीं? जांच में जुटा प्र... रीलबाजी की सनक पड़ी भारी: ग्वालियर में 3400 किस वाली कार का कटा चालान, मालिक से मौके पर साफ करवाए लि... वंदे मातरम् विवाद पर ओवैसी का बयान: 'संविधान की शुरुआत हम भारत के लोग से होती है', बीजेपी-कांग्रेस म... दिल्ली में ₹35 प्रति किलो बिकेगा प्याज: केंद्र सरकार ने चलाया 'कांदा एक्सप्रेस', NAFED और NCCF स्टोर... इस्लामाबाद के PIMS अस्पताल में भीषण आग: AC कंप्रेसर फटने से 15 नवजात बच्चों की जिंदा जलकर मौत, PM शह... बिना आंदोलन के भी यह काम हो सकता था मॉस्को में रूसी राष्ट्रपति पुतिन से मिले विदेश मंत्री जयशंकर बलात्कार के दोषी राम रहिम को 21 दिनों का फर्लो ऑनलाइन धतूरा बेच रहे कई कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई प्याज और चीनी के दाम सरकार पर अतिरिक्त बोझ

अडाणी घूस कांड में भारत सरकार को सूचना दी गयी

अमेरिकी अदालत में दाखिल सूचना से गलतबयानी की जानकारी

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः अमेरिकी न्याय विभाग और प्रतिभूति एवं विनिमय आयोग ने न्यूयॉर्क की एक अदालत में उद्योगपति गौतम अडाणी के खिलाफ रिश्वतखोरी का मामला दर्ज किया है, लेकिन नरेंद्र मोदी सरकार ने अब तक यही कहा है कि यह एक निजी कंपनी, कुछ व्यक्तियों और अमेरिकी न्याय विभाग के बीच का कानूनी मामला है। विदेश मंत्रालय ने दावा किया कि अमेरिका ने भारत को इस बारे में कोई सूचना नहीं दी है। अभी अमेरिका दौरे पर गये भारतीय प्रधानमंत्री ने भी इस विषय पर पूछे गये एक सवाल का उत्तर देते हुए इसे निजी मामला बताया था।

इस बार अमेरिकी शेयर बाजार नियामक एसईसी (सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन) ने न्यूयॉर्क की एक अदालत को बताया कि उसने इस मामले में भारत सरकार से मदद मांगी है। चूंकि 265 मिलियन डॉलर की रिश्वत लेने के आरोपी उद्योगपति गौतम अडाणी और उनके भतीजे सागर अडाणी भारत में रहते हैं, इसलिए भारतीय कानून मंत्रालय से उन्हें आरोपों के बारे में नोटिस भेजने में मदद मांगी गई है। एसईसी ने 18 फरवरी को एक पत्र के माध्यम से अदालत को इसकी जानकारी दी।

यह जानकारी सामने आते ही विपक्षी खेमे ने सवाल उठाया कि प्रधानमंत्री के करीबी अडाणी को लेकर मोदी सरकार इस बार क्या करेगी? कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता जयराम रमेश ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात के बाद अडाणी के खिलाफ आरोपों को निजी मामला बताया था। क्या अब वह एसईसी की मदद करेंगे और बाधा डालेंगे?

अमेरिकी प्रतिभूति एवं विनिमय आयोग ने इससे पहले न्यूयॉर्क की एक अदालत में अडाणी परिवार के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया था। अमेरिकी न्याय विभाग ने गौतम अडाणी, सागर अडाणी और अन्य के खिलाफ आपराधिक आरोप भी दायर किए हैं। आरोप यह था कि अडाणी ने भारत के विभिन्न राज्यों में बाजार मूल्य से अधिक मूल्य पर सौर ऊर्जा बेचने के ठेके हासिल करने के लिए 265 मिलियन डॉलर या लगभग 20.3 अरब रुपये की रिश्वत दी थी।

इससे 20 वर्षों में 2 बिलियन डॉलर का लाभ कमाने की योजना थी। अडाणी ने इस परियोजना के लिए ऋण और ऋण पत्रों के माध्यम से 3 बिलियन डॉलर जुटाए, तथा रिश्वत के आरोपों की जानकारी गुप्त रखी। इस बार, एसईसी ने न्यूयॉर्क की अदालत को बताया कि भारत से हेग सेवा कन्वेंशन के तहत सहायता प्रदान करने का अनुरोध किया गया है। इस समझौते के अनुसार, यदि कोई कानूनी संस्था किसी अन्य देश के नागरिकों को कानूनी नोटिस भेजना चाहती है, तो उसे उस देश की संबंधित एजेंसी के माध्यम से ऐसा करना होगा। भारत और अमेरिका सहित 90 देश इस समझौते का पालन करते हैं।