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चीन ने कहा यह चीन का उपहार नहीं है

अमेरिका द्वारा जब्त किये गये ईरानी जहाज पर सफाई

एजेंसियां

बीजिंगः चीन के विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस आरोप को सिरे से खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने अमेरिकी सेना द्वारा पकड़े गए ईरानी ध्वज वाले मालवाहक जहाज को चीन का उपहार कहा था। यह मामला अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में एक नया तनाव पैदा कर रहा है।

अमेरिका का दावा है कि उसने एक ईरानी मालवाहक जहाज पर गोलीबारी की और उसे जब्त कर लिया, क्योंकि वह ईरानी बंदरगाहों की अमेरिकी नाकेबंदी को तोड़ने का प्रयास कर रहा था। वहीं, ईरान की सेना ने इस बात की पुष्टि की है कि उक्त जहाज चीन से आ रहा था। ईरान ने इस घटना को अमेरिकी सेना द्वारा की गई सशस्त्र डकैती करार देते हुए इसका कड़ा बदला लेने की कसम खाई है।

इससे पहले मंगलवार को बातचीत के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा था कि इस जहाज पर कुछ ऐसी चीजें थीं, जो बहुत अच्छी नहीं थीं। शायद चीन की ओर से कोई उपहार हो, मुझे नहीं पता। ट्रंप का यह बयान स्पष्ट रूप से जहाज पर लदे सामान की संदिग्ध प्रकृति की ओर इशारा कर रहा था।

बीजिंग में पत्रकारों से बात करते हुए चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने इन टिप्पणियों पर कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने कहा, चीन ऐसे किसी भी आरोप या जुड़ाव का विरोध करता है जिसका कोई तथ्यात्मक आधार न हो। प्रवक्ता ने आगे जोर देते हुए कहा कि देशों के बीच सामान्य अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक संबंधों में किसी भी तरह का हस्तक्षेप या व्यवधान नहीं डाला जाना चाहिए।

समुद्री सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, तौस्का  नामक इस कंटेनर जहाज को रविवार को अमेरिकी सेना ने अपने कब्जे में लिया था। वाशिंगटन का मानना है कि इस जहाज पर ऐसी दोहरी उपयोग वाली वस्तुएं मौजूद हो सकती हैं, जिनका इस्तेमाल सैन्य उद्देश्यों के लिए किया जा सकता है। फिलहाल इस जब्ती ने अमेरिका, चीन और ईरान के बीच त्रिकोणीय तनाव को और गहरा कर दिया है।