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माओवादियों ने सुरक्षा वाहन को उड़ा दिया

नक्सलवाद उन्मूलन के अमित शाह के दावों के बाद की घटना

  • स्कॉर्पियो गाड़ी के परखच्चे उड़ गये

  • अभियान से लौटते वक्त जाल में फंसे

  • मुख्यमंत्री साय ने घटना की निंदा की है

राष्ट्रीय खबर

रायपुरः छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में माओवादियों द्वारा एक इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस का इस्तेमाल कर उनके वाहन को उड़ा दिए जाने से आठ जवान और एक ड्राइवर की मौत हो गई। ये नौ जवान एक ऑपरेशन से लौट रहे थे, जब दोपहर करीब 2.15 बजे बस्तर क्षेत्र के कुटरू में स्कॉर्पियो एसयूवी को विस्फोटक से उड़ा दिया। यह घटना वैसे हालत में घटी जब केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने देश में नक्सलवाद के खत्म होने का दावा किया था।

मिली जानकारी के मुताबिक आज सुबह सुरक्षा बलों ने छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ क्षेत्र में माओवादियों पर हमला किया और दो महिलाओं समेत पांच विद्रोहियों को मार गिराया। इनके पास से एके 47 और सेल्फ-लोडिंग राइफल जैसे स्वचालित हथियार बरामद किए गए हैं। जवान इसी ऑपरेशन से लौट रहे थे, तभी विद्रोहियों ने उन्हें निशाना बनाया।

आठ सुरक्षाकर्मी जिला रिजर्व गार्ड के थे, जो राज्य में माओवाद से निपटने के लिए गठित एक विशेष पुलिस इकाई है। तस्वीरों में घटनास्थल पर एक बड़ा गड्ढा दिखाई दे रहा है, जिससे पता चलता है कि आईईडी विस्फोट कितना भीषण था, जिसमें जवानों की मौत हो गई। माओवादी हमला ऐसे समय में हुआ है जब सुरक्षा बल छत्तीसगढ़ के माओवादी बहुल इलाकों में घुसपैठ कर रहे हैं और विद्रोहियों को घेर रहे हैं।

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विस्फोट की निंदा की और इसे जघन्य और दुखद घटना बताया। यह घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। मैं अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर जवानों को श्रद्धांजलि देता हूं और उनके परिवारों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करता हूं। इस हमले की गहन जांच और आकलन किया जा रहा है।

मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि हमारे जवानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। सरकार नक्सलवाद को खत्म करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मार्च 2026 तक देश से माओवाद को खत्म करने का संकल्प लिया है। मुख्यमंत्री ने कहा, मुझे विश्वास है कि तब तक बस्तर के पांचों नक्सल प्रभावित जिले भी नक्सलवाद से मुक्त हो जाएंगे और शांति बहाल हो जाएगी।

बस्तर के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पट्टिलिंगम ने बताया कि जवानों को निशाना बनाकर आईईडी विस्फोट किया गया, जब वे अभियान के बाद शिविर लौट रहे थे। वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, पिछले दो-तीन दिनों से हम इलाके में अभियान चला रहे थे। इस अभियान में पांच माओवादी और एक सुरक्षाकर्मी मारा गया।

अभियान के बाद सुरक्षाकर्मी बेस कैंप लौट रहे थे, तभी एक वाहन आईईडी विस्फोट में उड़ गया। सूत्रों के अनुसार विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि स्कॉर्पियो के बोनट का एक हिस्सा पास के पेड़ पर लटक गया। सूत्रों ने बताया कि विस्फोट स्थल से पता चलता है कि माओवादियों ने विस्फोट के लिए फॉक्सहोल तकनीक का इस्तेमाल किया।

इस तकनीक में माओवादी गड्ढे खोदते हैं और उन्हें पत्थरों से भर देते हैं। एंटी-माइन ऑपरेशन के दौरान इन गड्ढों का पता नहीं चलता। जब माओवादी विस्फोट करना चाहते हैं, तो वे इन गड्ढों में विस्फोटक रख देते हैं और विस्फोट कर देते हैं। सूत्रों ने यह भी बताया कि डीआरजी के जवान आमतौर पर पैदल या बाइक से यात्रा करते हैं, जिससे इस बात की चिंता बढ़ गई है कि क्या इस मामले में मानक संचालन प्रक्रिया का उल्लंघन हुआ है।