Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
परिमल नथवाणी का आना महज राजनीति नहीं मानिए क्वांटम प्रयोग में परमाणु उल्टा घूमता देखा गया स्थानीय स्तर पर झड़पों में 25 नागा महिला घायल भूपेंद्र यादव के घऱ जुटे थे टीएमसी के सांसद फिलीपींस के मिंडानाओ में 7.8 तीव्रता का भूकंप Mamata Banerjee Silence: क्या इंडिया गठबंधन में कमजोर हुई ममता की पकड़? प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिखीं 'न... टीएमसी सांसद सुखेंदु शेखर राय ने पार्टी छोड़ी Srinagar Crime News: ड्रग तस्करों पर श्रीनगर पुलिस का बड़ा प्रहार; ₹4 करोड़ की अवैध संपत्ति की गई जब्... सीमा पार ड्रग सिंडिकेट से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जांच Delhi Airport News: दिल्ली एयरपोर्ट पर बड़ा हादसा; तेज हवाओं के कारण एयर इंडिया के 3 विमान क्षतिग्रस्...

भाजपा शासन में लोकतंत्र को सबसे बड़ा खतरा : स्टालिन

चुनाव नियमों में बदलाव पर तमिलनाडु के सीएम का विरोध

  • चुनाव आयोग ने घुटने टेक दिये हैं

  • सभी दलों को मिलकर लड़ना होगा

  • चुनावी पारदर्शिता खत्म कर दी गयी

राष्ट्रीय खबर

चेन्नईः तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) अध्यक्ष एम के स्टालिन ने सोमवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) शासन में लोकतंत्र को सबसे बड़ा खतरा है और चुनाव नियमों में संशोधन का उद्देश्य चुनावों में पारदर्शिता को खत्म करना है। उन्होंने कहा कि यह देश के स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों पर अलोकतांत्रिक हमला है।

श्री स्टालिन ने आरोप लगाया कि भारत का चुनाव आयोग संस्थागत अखंडता के लिए लड़ने के बजाय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दबाव में स्वेच्छा से झुक गया है। उन्होंने केंद्र सरकार में भाग लेने वाली पार्टियों सहित सभी राजनीतिक दलों से देश के स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों पर इस अलोकतांत्रिक हमले का मुकाबला करने की अपील की।

सोशल मीडिया पर पोस्ट में उन्होंने कहा चुनाव में पारदर्शिता को खत्म करने के लिए चुनाव नियमों के अनुच्छेद 93(2)(ए) में लापरवाही से संशोधन करने के कारण भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के तहत लोकतंत्र को सबसे बड़ा खतरा है।

श्री स्टालिन ने कहा कि पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय द्वारा चुनाव बूथ की सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध कराने के निर्देश के बाद केंद्र सरकार ने सीसीटीवी फुटेज सहित चुनाव दस्तावेजों के सार्वजनिक निरीक्षण को रोकने के लिए यह संशोधन लाया और इस तरह संविधान की एक बुनियादी विशेषता को नष्ट कर दिया।

उन्होंने कहा  भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार का डर हरियाणा से आगे तक फैला हुआ है, जो महाराष्ट्र को लेकर चिंता को दर्शाता है, जहां हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में उनकी सुनियोजित और अपवित्र जीत ने गंभीर चिंताएं पैदा की हैं।

उन्होंने कहा यह चौंकाने वाला है कि भारत का चुनाव आयोग संस्थागत अखंडता के लिए लड़ने के बजाय स्वेच्छा से प्रधानमंत्री मोदी की सरकार के दबाव में आ गया है तथा स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव को बदनाम करने में शामिल हो गया है! उन्होंने कहा, मैं केंद्र सरकार में शामिल सभी राजनीतिक दलों से अपील करता हूं कि वे आगे आएं और हमारे देश के स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों पर इस अलोकतांत्रिक हमले का मुकाबला करें।