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अंबानी कर्ज के बाद फिर से कर्ज की राह पर

पच्चीस हजार करोड़ से अधिक के कर्ज के लिए बैंकों से बात

  • ब्लूमबर्ग ने छापी है इसकी रिपोर्ट

  • पहले से ही तीन अरब का बकाया

  • शेयर बाजार गिरने से हालत बिगड़ी

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः देश की संसद में हर रोज अडाणी का मुद्दा गूंज रहा है। इसके बीच ही एक और प्रमुख औद्योगिक घराने के बारे में नई जानकारी सामने आयी है। खबर आयी है कि अपने पहले के बकाया कर्ज की अदायगी के लिए अंबानी समूह भी छह बैंकों से बात कर रही है। दरअसल यह समूह पच्चीस हजार पांच सौ करोड़ रुपया और कर्ज लेना चाहता है।

सूत्रों के मुताबिक, ऋण समझौते को अंतिम रूप देने के लिए रिलायंस समूह की ओर से विभिन्न बैंकों के साथ बातचीत शुरू हो चुकी है। सूत्र ने नाम न छापने की शर्त पर मीडिया को बताया कि छह बैंक नए ऋण के बारे में अंबानी के साथ बात कर रहे हैं 3 अरब डॉलर। उनका यह भी मानना ​​है कि 2025 की पहली तिमाही तक यह संख्या बढ़ सकती है।

सूत्र ने बताया, हालांकि अभी तक किसी भी बैंक के साथ कोई समझौता तय नहीं हुआ है और इसकी शर्तों में बदलाव हो सकता है। मीडिया आउटलेट ब्लूमबर्ग न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 में रिलायंस ग्रुप पर मूलधन और ब्याज सहित करीब 2.9 अरब डॉलर का कर्ज बकाया है।

हालाँकि, समूह ने अभी तक इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं की है। बता दें कि इससे पहले 2023 में रिलायंस ग्रुप ने 8 अरब डॉलर से ज्यादा का कर्ज लिया था। ब्लूमबर्ग के आंकड़ों के मुताबिक, रिलायंस ग्रुप ने रिलायंस जियो इंफोकॉम लिमिटेड के लिए कुल 55 ऋणदाताओं से कर्ज लिया था। भारतीय शेयर बाजार सूचकांक पिछले दो महीनों से गिर रहा है। विदेशी निवेशकों ने बाजार से खूब पैसा निकाला है। दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के बाद डॉलर के मुकाबले पैसे की कीमत में भी रिकॉर्ड गिरावट देखी गई है। देश की वित्तीय वृद्धि घटी है, महंगाई ने सिरदर्द बना दिया है। भारतीय अर्थव्यवस्था की इस कठिन परिस्थिति में देश की सबसे बड़ी औद्योगिक कंपनियों में से एक ने 3 अरब डॉलर का कर्ज जुटाने का फैसला किया है।