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स्वाइन फ्लू के प्रकोप के बाद सरकार सक्रिय

शिवसागर में मांस का व्यापार और परिवहन प्रतिबंधित

राष्ट्रीय खबर

गुवाहाटीः असम के शिवसागर जिले में अफ्रीकी स्वाइन फीवर के प्रकोप के बीच, प्रशासन ने जिले के भीतर सूअर के मांस के व्यापार, परिवहन और अन्य गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। यह तब हुआ है जब शिवसागर के कुछ इलाकों को अफ्रीकी स्वाइन फ्लू का ‘उपरिकेंद्र’ घोषित किया गया था।

आधिकारिक रिपोर्टों के अनुसार, डेमो सर्कल के अधिकार क्षेत्र में आने वाले एकरानी ग्रांट और बोर देवधाई जपिसाजिया सहित क्षेत्रों में बीमारी का प्रकोप देखा गया है। दरअस प्रारंभिक सूचना के बाद पशु चिकित्सा विभाग ने इन शिकायतों की गहन जांच की। जांच के बाद ही वहां फिर से इस वायरस के विषाणु पाये जाने की पुष्टि की गयी थी।

स्वाइन फीवर के प्रसार को रोकने के लिए एक निर्णायक कदम उठाते हुए, शिवसागर के जिला आयुक्त आयुष गर्ग ने पूरे जिले में निषेधाज्ञा जारी की है। ये उपाय प्रभावित क्षेत्रों की पहचान के जवाब में किए गए हैं, जिसमें उपरिकेंद्र के 1 किमी के दायरे में आने वाले गांवों को संक्रमित क्षेत्र और 10 किमी के दायरे में आने वाले गांवों को निगरानी क्षेत्र के रूप में नामित किया गया है।

जिला प्रशासन ने ज़िले के भीतर ज़िंदा सूअरों, सूअर के उत्पादों और सूअर के मांस के परिवहन पर प्रतिबंध सहित कई कड़े प्रतिबंध लगाए हैं। सूअर और उससे जुड़े उत्पादों की बिक्री, साथ ही सूअरों का वध, खरीद या बिक्री पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दी गई है। किसानों और प्रजनकों को निर्देश दिया गया है कि वे बीमारी को नए क्षेत्रों में फैलने से रोकने के लिए कड़े जैव-सुरक्षा उपाय लागू करें।

सूअरों की किसी भी मौत की सूचना तुरंत पशु चिकित्सा विभाग को दी जानी चाहिए, साथ ही शवों का जैव-सुरक्षा प्रोटोकॉल के अनुसार निपटान किया जाना चाहिए। इसके अलावा, सूअर के चारे के परिवहन के लिए पशु चिकित्सा विभाग से पूर्व अनुमति लेनी होगी। इसके साथ साथ अन्य जिलों को भी इस किस्म की शिकायतों को प्राप्त होने के बाद तुरंत ही सक्रिय कदम उठाने के निर्देश जारी किये गये हैं ताकि इस वायरस के अधिक प्रसार को तुरंत रोका जा सके।