Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
पीएम मोदी के 'दिमागी नक्सल' बयान पर किरेन रिजिजू का विपक्ष पर तीखा पलटवार रामपुरहाट टीएमसी दफ्तर में फंदे से लटके मिले पूर्व डिप्टी स्पीकर आशीष बनर्जी: सुसाइड नोट में मानसिक ... 'बिहार बन रहा पेपर लीक की राजधानी': तेजस्वी यादव का NDA सरकार पर तीखा हमला, 19 अगस्त को राजभवन मार्च... पीएम मोदी के 'दिमागी नक्सल' बयान पर BJP-कांग्रेस आमने-सामने, छिड़ा सियासी घमासान बरेली: सरकारी नौकरी का झांसा देकर रचाई शादी, विरोध पर बेल्ट से पीटा और छीने जेवर; पति समेत ससुराल वा... सुखबीर बादल पर हमले की NIA जांच की मांग: हरसिमरत कौर बादल ने गृह मंत्री अमित शाह को लिखा पत्र, बड़ी ... भिवंडी: दरगाह में इलाज के नाम पर महिला से अघोरी रस्में व प्रताड़ना; UP भागने की फिराक में था मौलवी, ... दिल्ली में पूरा हुआ 100 'अटल कैंटीन' का संकल्प: DU मेट्रो स्टेशन से 25 नई कैंटीन शुरू, मात्र ₹5 में ... रीवा में स्वास्थ्य तंत्र की लापरवाही: 2 घंटे तक नहीं पहुंची 108 एंबुलेंस, सांस लेने में तकलीफ से जूझ... खान-खनिज संशोधन बिल के खिलाफ रांची में राजद-वाम दलों का साझा मोर्चा: आर्थिक नाकेबंदी और दिल्ली घेराव...

देश की सीमाओं पर होंगे चार महायज्ञ: शंकराचार्य

गोवर्धन पीठाधीश्वर जगदगुरु ने की महत्वपूर्ण घोषणा

  • गुवाहाटी में चातर्मास का आयोजन किया

  • देश के लोगों में धार्मिक आस्था बढ़ रही है

  • तिरुपति की घटना से नाराज है धर्मश्रेष्ठ

राष्ट्रीय खबर

मथुराः गोवर्धन पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य अधोक्षजानन्ददेव तीर्थ ने कहा कि देश में सांस्कृतिक एव धार्मिकता को और सुदृढ करने, सीमाओं को सुरक्षित रखने और देश को हर दृष्टि से और शक्तिशाली बनाने के लिए चारो दिशा की सीमाओं पर चार महायज्ञ किये जाएंगे। असम के गुवाहटी में चातर्मास पूरा करने के बाद आदि शंकराचार्य आश्रम गोवर्धन पहुंचने पर जगद्गुरू ने पत्रकारों से कहा कि गुवाहटी में चातुर्मास के दौरान उन्होंने एक महायज्ञ किया था, जिसमे धर्माचार्यों तथा राजनेताओं ने भाग लिया था।

इनमें प्रमुख रूप से कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, हिमाचल के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला, आसाम के राज्यपाल लक्ष्मण आचार्य,केन्द्रीय विदेश राज्यमंत्री पवित्र मारघेरिता, अरूणाचल के उपमुख्यमंत्री चोवना मेन, आसाम के मुख्यमंत्री हिमंता बिश्व सर्मा, आसाम के विधान सभा अध्यक्ष विश्वजीत दैमारी, त्रिमुरा विधान सभा के उपाध्यक्ष राम प्रसाद पाल, विभिन्न प्रांतों मंत्री ,सांसद एवं विधायक आदि शामिल थे।

उन्होंने कहा कि इसी प्रकार के चार महायज्ञ देश की चारों सीमाओं पर किये जाएंगे। इन महायज्ञों की तिथि जल्दी ही घोषित कर दी जाएगी।  शंकराचार्य ने कहा कि लोगों में धार्मिक आस्था बढ़ रही है, वैदिक संस्कार बढ़ रहे हैं। उनको और शिक्षित करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि देश की सीमाओं तक साधु संतों, विद्वानों एवं धर्मगुरूओं को जाना चाहिए और जागृति लाने का प्रयास करना चाहिए।उन्होंने बताया कि देश की सीमाओं को और सुरक्षित रखने के लिए ही उन्होंने चार महायज्ञों की घोषणा की है।

इन महायज्ञों के साथ ही वहीं पर धर्मसत्र भी आयोजित किये जाएंगे।  तिरूपति में महाप्रसाद की गुणवत्ता को लेकर मीडिया रिपोर्ट का जिक्र करते हुये उन्होने कहा कि यह देश की धर्मप्राण जनता की धार्मिक भावनाओं पर सीधा आक्रमण है ।इसके लिए दोषियों को बख्शा नही जाना चाहिए। इस प्रकार की पुनरावृत्ति रोकने तथा अन्य बड़े मन्दिरों में प्रसाद की गुणवत्ता को कायम रखने के लिए मंदिरों का संचालन सरकारी नियंत्रण से अलग होना चाहिए ।

उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार को इसके लिए एक अलग बोर्ड बनाना चाहिए जिसमें धर्माचार्यो , विद्वानों आदि को रखा जाना चाहिए। जिस सम्प्रदाय की व्यवस्था से मन्दिर संचालित है उस सम्प्रदाय के आचार्य को वहां का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया जाना चाहिए।  शंकराचार्य ने योगी सरकार के उस फैसले का स्वागत किया जिसमें खान पान के सेंटरों पर संचालक,मैनेजर और कर्मचारियों के नाम सार्वजनिक करने को कहा गया है। उन्होने कहा कि ऐसे आदेश के कारण मंदिरों में चढ़ाने के लिए बाहर की दुकानों से आने वाले प्रसाद की गुणवत्ता से कोई खिलवाड़ नही कर सकेगा।