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मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दूंगा : केजरीवाल

ईमानदार होने का सबूत दिल्ली का अगला जनादेश होगा

  • ईमानदारी का फैसला अब जनता के हाथ

  • जनता के बीच ही जाकर समर्थन मांगूंगा

  • दिल्ली का चुनाव भी जल्द कराये सरकार

राष्ट्रीय खबर

 

नयी दिल्लीः दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दो दिनों बाद वह मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देंगे। श्री केजरीवाल ने आज यहाँ पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा की घोषणा की।

उन्होंने कहा आज मैं आपके बीच में आया हूं, जनता की अदालत में आया हूं, आपसे पूछने आया हूं कि आप केजरीवाल को ईमानदार मानते हो या गुनाहगार मानते हो। मैं दिल्ली और देश की जनता से पूछना चाहता हूं कि केजरीवाल ईमानदार है या गुनाहगार है।

मैं दो दिन के बाद मुख्यमंत्री की कुर्सी से इस्तीफा देने जा रहा हूं। उन्होंने कहा मैं तब तक मुख्यमंत्री की कुर्सी पर नहीं बैठूंगा, जब तक जनता अपना फैसला न सुना दे।

मैं जनता के बीच में जाऊंगा, गली-गली में जाऊंगा, घर-घर में जाऊंगा, जब तक जनता अपना फैसला न सुना दे कि केजरीवाल ईमानदार है, मैं तब तक मुख्यमंत्री की कुर्सी पर नहीं बैठूंगा।

उन्होंने कहा भाजपा को लग रहा था कि उन्हें जेल भेजकर हमारी पार्टी तोड़ देंगे। हमारे विधायकों को तोड़कर दिल्ली और पंजाब में सरकार गिरा देंगे। इनकी साजिशों के खिलाफ आम आदमी पार्टी लड़ रही है।

इन्हें लगा कि ये मेरे हौसले तोड़ देंगे लेकिन इन्होंने मेरे हौसले को और बढ़ा दिया है। उन्होंने इसी क्रम में महाराष्ट्र के साथ ही दिल्ली में चुनाव कराने की मांग भी कर दी।

अंदरखाने से जानकारी मिली है कि अरविंद केजरीवाल के इस्तीफे पर फैसला आप के शीर्ष नेताओं की हुई बैठक में ही ले लिया गया था। आप के राष्ट्रीय संयोजक ने बैठक के दौरान पार्टी नेताओं से कहा था कि वे इस्तीफ़ा देने जा रहे हैं।

इसके बाद, मनीष सिसोदिया के घर पर हुई दूसरी बैठक में केजरीवाल के इस्तीफे को लेकर अंतिम रणनीति बनाई गई। सूत्रों का कहना है कि अरविंद केजरीवाल ने खुद पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर जेल में ही इस्तीफा देने का फैसला कर लिया था,

लेकिन साथ में यह भी तय कर लिया था कि जेल में रहते इस्तीफा नहीं देंगे, बल्कि बाहर आकर ही इस्तीफा देंगे। केजरीवाल ने पार्टी नेताओं संबोधित करते हुए कहा, मैं जब जेल में था तो भाजपा वालों ने पूछा कि केजरीवाल ने अपने पद से इस्तीफा क्यों नहीं दिया है।

इन्होंने विपक्ष के सभी लोगों के खिलाफ केस दर्ज किए। आज दिल्ली के लिए कितना कुछ कर पाए क्योंकि हम ईमानदार हैं। ये लोग हमारी ईमानदारी से डरते हैं क्योंकि ये ईमानदार नहीं है।

आज मैं आप की अदालत में आया हूं, जनता की अदालत में आया हूं। आपसे पूछने आया हूं कि क्या आप केजरीवाल को ईमानदार मानते हो कि गुनहगार मानते हो। दो दिन के बाद मैं सीएम पद से इस्तीफा देने जा रहा हूं। मैं तब तक सीएम की कुर्सी पर नहीं बैठूंगा जब तक जनता अपना फैसला ना सुना दे। आप अपना फैसला सुनाओगे तब मैं जाकर उस कुर्सी पर बैठूंगा। उन्होंने याद दिलाया कि पिछले चुनाव में उन्होंने जनता से साफ साफ कहा था कि अगर उनकी सरकार ने काम नहीं किया है तो पार्टी को वोट मत देना। जनता ने अपना फैसला सुनाया और आम आदमी पार्टी की फिर से सरकार बनी।