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सरकार ने नेता प्रतिपक्ष पद का सम्मान नहीं कियाः शरद पवार

स्वाधीनता दिवस समारोह के बारे में राय दी एनसीपी नेता ने

राष्ट्रीय खबर


 

मुंबईः एनसीपी नेता शरद पवार ने कहा कि केंद्र ने विपक्ष के नेता के पद का सम्मान नहीं किया। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (सपा) के अध्यक्ष शरद पवार ने शुक्रवार (16 अगस्त, 2024) को स्वतंत्रता दिवस समारोह में विपक्ष के नेता (एलओपी) राहुल गांधी को अग्रिम पंक्ति में सीट नहीं दिए जाने पर केंद्र पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि केंद्र ने विपक्ष के नेता के पद का सम्मान नहीं किया।

विपक्षी ब्लॉक महा विकास अघाड़ी के पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए श्री पवार ने कहा कि भले ही भाजपा को लोकसभा चुनावों में बहुमत न मिले, लेकिन संविधान के लिए खतरा अभी भी खत्म नहीं हुआ है। श्री पवार ने कहा, केंद्र ने विपक्ष के नेता के पद का सम्मान नहीं किया। एनसीपी (सपा) प्रमुख ने कहा, विपक्ष के नेता को पिछली पंक्ति में बैठाया गया।

कांग्रेस ने गुरुवार (15 अगस्त, 2024) को कहा कि लाल किले पर स्वतंत्रता दिवस समारोह में श्री गांधी को पांचवीं पंक्ति में बैठाना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की क्षुद्रता और लोकतांत्रिक परंपराओं के प्रति सम्मान की कमी को दर्शाता है। श्री पवार ने कहा कि जब वे अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में विपक्ष के नेता थे, तो स्वतंत्रता दिवस समारोह में उनके बैठने की व्यवस्था कैबिनेट मंत्रियों के साथ थी।

उन्होंने याद दिलाया कि जब मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री थे, तब तत्कालीन विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज को कैबिनेट रैंक वाली सीट दी गई थी। श्री पवार ने जोर देकर कहा, प्रधानमंत्री एक संस्था है, और विपक्ष का नेता भी एक संस्था है। प्रधानमंत्री के पद की प्रतिष्ठा को बनाए रखना होगा। इसी तरह, विपक्ष के नेता की प्रतिष्ठा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।

उल्लेखनीय है कि यह विवाद इस वजह से खड़ा हुआ है क्योंकि स्वाधीनता दिवस समारोह में शामिल होने पहुंचे नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को पीछे से दूसरी कतार पर बैठने की जगह दी गयी थी। सरकार की तरफ से कई किस्म का स्पष्टीकरण दिये जाने के बाद भी इसे मोदी सरकार के एक और अलोकतांत्रिक हरकत के तौर पर आंका जा रहा है।