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बारिश के पानी की वजह से पढ़ाई बंद

मामूली बारिश से ही इलाके का हो रहा है बुरा हाल


  • जल निकासी भूमाफिया की भेंट चढ़ी

  • सांप और जहरीले कीड़ों का भी भय

  • किसी तरह मध्याह्न भोजन चल रहा


राष्ट्रीय खबर

मालदाः हल्की बारिश में ही स्कूल में काफी पानी जमा हो जाता है। खराब स्वच्छता के कारण इस स्कूली में शिक्षा व्यावहारिक रूप से रुकी हुई है। छात्रों को कक्षा तक पहुंचने के लिए पानी पार किए बिना ही स्कूल लौटना पड़ता है। छात्रों की संख्या कम हो रही है। समस्या मध्याह्न भोजन खुला रखने को लेकर भी है। ओल्ड मालदा के साहापुर में बालासाहापुर लोअर प्राइमरी स्कूल की हालत मॉनसून की शुरुआत में ही खराब है। वर्तमान में विद्यालय में विद्यार्थियों की संख्या 216 है। शिक्षकों की संख्या आठ है। यह 70 साल पुराना स्कूल है।

आरोप है कि अभी तक स्कूल के बगल में जल निकासी के लिए पुलिया थी। उस पुलिया के माध्यम से पानी पास के निचले जलाशय में गिरता था। लेकिन, पिछले दो-तीन वर्षों में भू-माफियाओं ने उस जलाशय को भर दिया है। यहां तक ​​कि पुलिया का मुंह भी बंद है। और इसमें विद्यालय का जल निकासी का नाला टूट गया है।

थोड़ी सी बारिश घुटनों तक हो रही है। स्कूल का प्रवेश द्वार, खेल का मैदान सब पानी में डूबा हुआ है। इसके साथ ही जहरीले सांपों और कीड़ों के प्रकोप का भी डर रहता है। यह सच है कि कुछ छात्र जोखिम उठाकर स्कूल आते हैं। लेकिन, अगर जल निकासी की समस्या का समाधान नहीं किया गया तो निकट भविष्य में विद्यालय के छात्र-छात्राओं से लेकर प्रधानाध्यापक तक बंद हो सकते हैं।

यहां तक ​​कि स्थानीय निवासियों ने भी स्कूल की उचित जल निकासी व्यवस्था के तत्काल निर्माण की मांग की। मालदा प्राथमिक शिक्षा परिषद की अध्यक्ष बसंती बर्मन ने स्थिति की जांच कर कदम उठाने का आश्वासन दिया है। अब देखते हैं कि क्या जल निकासी व्यवस्था में सुधार के लिए कोई कदम उठाया जाता है। अभी स्कूल में किसी तरह मध्याह्न भोजन का काम ही चल पा रहा है।