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सिक्किम की ऊंचाई पर एंटी टैंक मिसाइल का परीक्षण

चीन के साथ सीमा विवाद के बीच भारतीय सेना का नया अभ्यास

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः चीन के साथ सीमा विवाद के बीच ही भारतीय सेना ने काफी ऊंचाई पर अपनी रक्षा क्षमता का सफल परीक्षण किया है। याद दिला दें कि गलवान घाटी के संघर्ष के तुरंत बाद भारतीय सेना हिमालय के पहाड़ों तक अपने टैंक ले जाकर चीन की सेना को पहले ही हैरान कर चुकी है।

सतर्कता के तौर पर अरुणाचल प्रदेश के पास भी विशेष हवाई पट्टी बनायी गयी है जो राफेल जैसे विमानों को वहां से संचालित करने की सुविधा प्रदान करती है। अब भारतीय सेना की त्रिशक्ति कोर ने गुरुवार को सिक्किम में 17,000 फीट की ऊंचाई वाले क्षेत्र में एंटी टैंक गाइडेड मिसाइलों (एटीजीएम) की फायरिंग सहित एक प्रशिक्षण अभ्यास आयोजित किया। ऐसा पहली बार परीक्षण किया गया। जिसका एक मकसद चीन की सेना को भी वास्तविक भारतीय सेना की आधुनिक शक्ति का एहसास करा देना था।

संपूर्ण पूर्वी कमान की मशीनीकृत और पैदल सेना इकाइयों से मिसाइल-फायरिंग टुकड़ियों ने प्रशिक्षण अभ्यास में भाग लिया। विज्ञप्ति में कहा गया है कि अभ्यास में व्यापक निरंतरता प्रशिक्षण और युद्ध के मैदान की स्थितियों को दर्शाने वाले गतिशील और स्थिर लक्ष्यों पर विभिन्न प्लेटफार्मों से लाइव फायरिंग शामिल थी।

एटीजीएम टुकड़ियों ने प्रशिक्षण अभ्यास में भाग लिया। इसने अद्वितीय घातकता के साथ बख्तरबंद खतरों को बेअसर करने की क्षमता का प्रदर्शन किया, जिससे दुर्गम पहाड़ों पर मिशन की सफलता सुनिश्चित हुई। उच्च ऊंचाई वाले वातावरण में एटीजीएम प्रणाली का प्रदर्शन ‘एक मिसाइल एक टैंक’ के उद्देश्य की पुष्टि करता है, और एटीजीएम की सटीकता और प्रभावशीलता को प्रदर्शित करता है। विज्ञप्ति में आगे कहा गया है कि अत्यधिक ऊंचाई वाले इलाके में प्रणाली के तैनात होने से थलसेना को तोपखाना की जोरदार मदद मिलती रहेगी।