Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
पुडुचेरी में पीएम मोदी का 'शक्ति प्रदर्शन'! फूलों की बारिश और 'भारत माता की जय' के नारों से गूंजा शह... नारी शक्ति वंदन बिल में इतनी 'जल्दबाजी' क्यों? चुनावी मास्टरस्ट्रोक या कोई बड़ा बदलाव; पर्दे के पीछे... क्या BJP में शामिल होने वाले हैं राघव चड्ढा? आतिशी की 'रहस्यमयी मुस्कान' ने बढ़ा दी सियासी हलचल! छोटी बहन का खौफनाक 'डेथ प्लान'! प्रेमी के साथ मिलकर बड़ी बहन के आशिक को उतारा मौत के घाट; चाकू से गो... Meerut Crime: फौजी पति की हत्या के पीछे निकली अपनी ही पत्नी, प्रेमी के साथ मिलकर रचा था मौत का तांडव Noida Weather Update: नोएडा में बदला मौसम का मिजाज, आंधी-बारिश ने दी दस्तक; किसानों के चेहरे पर छाई ... AAP में खलबली! राघव चड्ढा के समर्थन में उतरे भगवंत मान; बोले— "जेल और जांच से नहीं डरते केजरीवाल के ... नोएडा की सड़कों पर 'मौत' का पहरा! आवारा कुत्तों ने पूर्व अधिकारी को बुरी तरह नोंचा; लहूलुहान हालत मे... बंगाल चुनाव में 'सुरक्षा' पर संग्राम! TMC से जुड़े लोगों के साथ 2100 पुलिसकर्मी तैनात; चुनाव आयोग ने... नाई की दुकान में 'मौत का प्लान'! रेलवे सिग्नल बॉक्स उड़ाने की थी साजिश; UP ATS ने ऐसे दबोचे 4 संदिग्...

बड़ा तालाब में प्रवासी पक्षी पहुंचने लगे

  • पिछले साल हजारों की संख्या थी

  • अभी सिर्फ कुछ दर्जन ही पहुंचे हैं

  • गर्मी के प्रारंभ तक यही बने रहेंगे

राष्ट्रीय खबर

रांचीः रांची शहर के बीचोंबीच स्थित बड़ा तालाब फिर से पर्यटकों का आकर्षण बनने जा रहा है। इस बार भी ठंड पड़ते ही प्रवासी पक्षियों के यहां आने का क्रम प्रारंभ हो गया है। आस पास के भीड़ भाड़ और तालाब में चल रहे सुंदरीकरण की भारी मशीन की वजह से यह अतिथि तालाब में ठीक बीचोंबीच हैं ताकि वे इंसानी कोलाहल से दूर रह सके।

पैदल चलने वाले लोग भी तालाब के ठीक बीच में काले रंग की इन पक्षियों को देखकर बरबस की ठहर जाते हैं। पिछले कुछ वर्षों से इन पक्षियों ने यहां अपना ठिकाना बनाना प्रारंभ कर दिया था। स्थानीय लोगों द्वारा उन्हें परेशान नहीं किये जाने की आदत की वजह से धीरे धीरे उनके आने की तादाद बढ़ती ही चली गयी।

पिछले साल के जनवरी और फरवरी में यहां हजारों ऐसे पक्षी दिन के वक्त पानी में नजर आते थे। कई बार सूर्य की गर्मी अधिक होने पर वे बीच में बने विवेकानंद की प्रतिमा तक जाने के रास्ते के नीचे बने सीमेंट के खंभों पर आराम किया करते थे। वैसे यह पता नहीं चल पाया है कि ये पक्षी रात कहां व्यतीत करते हैं। इनदिनों बड़ा तालाब के चारों तरफ रात को भी काफी रोशनी है। इस रोशनी से उन्हें सुविधा होती है या असुविधा, इस पर कोई जानकारी नहीं मिल पायी है।

अभी की स्थिति यह है कि मात्र कुछ दर्जन पक्षी ही यहां पहुंचे हैं। पिछले साल भी इसी तरह इन प्रवासी पक्षियों की आमद हुई थी और धीरे धीरे यह संख्या बढ़ते बढ़ते हजारों तक जा पहुंची थी। उस वक्त इंसानों द्वारा परेशान नहीं किये जाने की वजह से ऐसे पक्षी किनारे के करीब भी झूंड में आ जाते थे, जिससे उन्हें देखना आसान हो जाता था। उम्मीद है कि इस साल भी धीरे धीरे वही स्थिति बनेगी क्योंकि इस तालाब में उन्हें इंसानों द्वारा परेशान नहीं किया जा रहा है।