Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
परिमल नथवाणी का आना महज राजनीति नहीं मानिए क्वांटम प्रयोग में परमाणु उल्टा घूमता देखा गया स्थानीय स्तर पर झड़पों में 25 नागा महिला घायल भूपेंद्र यादव के घऱ जुटे थे टीएमसी के सांसद फिलीपींस के मिंडानाओ में 7.8 तीव्रता का भूकंप Mamata Banerjee Silence: क्या इंडिया गठबंधन में कमजोर हुई ममता की पकड़? प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिखीं 'न... टीएमसी सांसद सुखेंदु शेखर राय ने पार्टी छोड़ी Srinagar Crime News: ड्रग तस्करों पर श्रीनगर पुलिस का बड़ा प्रहार; ₹4 करोड़ की अवैध संपत्ति की गई जब्... सीमा पार ड्रग सिंडिकेट से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जांच Delhi Airport News: दिल्ली एयरपोर्ट पर बड़ा हादसा; तेज हवाओं के कारण एयर इंडिया के 3 विमान क्षतिग्रस्...

मगरमच्छ साथ लाया था दफ्तर में छोड़ा

  • लोडशेडिंग से परेशान हो गये किसान

  • रात को खेतों में पानी देने जाते हैं

  • मगरमच्छ दिखा तो पकड़ लाये थे

राष्ट्रीय खबर

बेंगलुरुः क्या आपने कभी लोडशेडिंग के विरोध में बिजली दफ्तर में मगरमच्छ लाने की बात सुनी है? यह भारत के कर्नाटक राज्य के विजयपुरा जिले में हुआ। जिले के हुबली बिजली आपूर्ति कंपनी के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र में दिन के दौरान बार-बार लोडशेडिंग हो रही थी। आम लोग इससे पूरी तरह निराश थे।

जमीन में मगरमच्छ या सांप भी आ जाए तो किसान समझ नहीं पाते। उन्होंने अपने दिन डर में बिताए। इसी दौरान खेत में पानी लगाते समय किसानों की नजर मगरमच्छ पर पड़ी। इसके बाद वे मगरमच्छ को बांधकर विद्युत कार्यालय ले आये। किसानों ने बताया कि दिन में बार-बार लोड शेडिंग के कारण उनका काम बाधित हो रहा है। इसलिए उन सभी ने रात में खेतों में काम करने का फैसला किया। तभी खेत में मगरमच्छ पर नजर पड़ी।

अपने कार्यालय में अचानक एक बड़े आकार के मगरमच्छ को देखकर वहां भगदड़ मच गयी। कार्यालय में मगरमच्छ को देख बिजली कार्यालय के कर्मचारी चिल्लाने लगे। वहां मौजूद लोग भी किसी तरह अपनी जान बचाने के ख्याल से दफ्तर छोड़कर भाग निकले। किसी तरह इस बात की जानकारी पुलिस और वन विभाग को सूचना दी गई। उन्होंने मगरमच्छ को बचाया और उसे ले गए। बाद में बिजली कार्यालय के अधिकारियों ने कहा कि वे देखेंगे कि दिन में कोई लोड शेडिंग न हो।

रिपोर्ट के मुताबिक, इस बार कर्नाटक में बारिश अनियमित हुई है। बांध में ज्यादा पानी नहीं है। इससे सिंचाई कार्य बाधित हो रहा है। इस बीच दिन में फिर बिजली गुल हो गयी। किसानों का कहना है कि दिन में बिजली रहे तो रात में जाकर खेत में पानी देने की जरूरत नहीं पड़ेगी। बार बार कहने के बाद भी कार्रवाई नहीं होने की वजह से ऐसा कदम उठाना पड़ा।