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एसयूसीआई के दो नेता 18 साल बाद रिहा

राष्ट्रीय खबर

कोलकाताः एसयूसी कुलतली के दो नेता 18 साल बाद जेल से रिहा हुए है। अनिरुद्ध हलदर और बंशीनाथ गायेन नाम के दोनों नेता हत्या के एक मामले में जेल में थे। उन्हें गुरुवार को रिहा कर दिया गया।

बंशीनाथ कुलतली के एक स्कूल में प्रधानाध्यापक थे। अब वह 84 साल के हैं। अनिरुद्ध लंबे समय से एसयूसी से जुड़े हुए हैं। वह पार्टी के आयोजकों में से एक हैं और राज्य समिति के सदस्य हैं।

आरोप है कि उन्हें झूठे मामले में फंसाया गया। आरोप तत्कालीन सत्तारूढ़ सीपीएम पर लगे। कुलतली के नौ बार के एसयूसी विधायक प्रबोध पुरकायेत को कथित तौर पर एक हत्या के मामले में फंसाया गया था।

उस मामले में बंशीनाथ और अनिरुद्ध को जेल हुई थी। एसयूसी नेतृत्व ने कहा कि प्रबोध को 14 साल जेल में बिताने के बाद रिहा कर दिया गया। कुछ साल पहले उनकी मृत्यु हो गई।

इस संदर्भ में एसयूसी नेता अमिताभ चट्टोपाध्याय ने कहा, सीपीएम ने उस समय हमारे नेताओं और आयोजकों को झूठे आरोप में जेल भेज दिया था। यह सब अचानक हुआ। फाइल हटाई गई। कोर्ट में पुनर्विचार की अपील करने से कोई फायदा नहीं हुआ।

गुरुवार को एसयूसी के दो वरिष्ठ नेताओं के जेल से रिहा होने के बाद, वे पार्टी के राज्य कार्यालय गए और अखिल भारतीय महासचिव प्रभास घोष से मुलाकात की।

एसयूसी दक्षिण 24 परगना के कुलतली, जयनगर सहित आसपास के इलाकों में सीपीएम से लड़ रही थी। दोनों वाम दलों के बीच तनातनी जारी रही। जिस मामले में पूर्व विधायक प्रबोध व अन्य को जेल हुई, वह अस्सी के दशक की घटना है। एसयूसी का दावा है कि पूरा मामला सीपीएम की साजिश का हिस्सा था।