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भारतीय फुटबॉल टीम में नहीं होंगे सुनील छेत्री

कोलकाताः सुनील छेत्री के बिना एशियाई खेलों की टीम बना रहा भारत। यह खबर आयी है कि सुनील, गुरप्रीत सिंह और संदेश झिंगन को इस साल चीन में होने वाले एशियाई खेलों में फुटबॉल टीम भेजने की अनुमति नहीं दी गई।

हालांकि, अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ के अध्यक्ष कल्याण चौबे ने शुक्रवार को कहा कि सुनील इस प्रतियोगिता में खेलेंगे। एशियाई खेलों में लड़कों की फ़ुटबॉल में अंडर-23 टीमों को भेजा जाता है। लेकिन तीन वरिष्ठ फुटबॉलरों को भेजने की अनुमति है। कल्याण ने बताया कि तीन फुटबॉलर सुनील, गोलकीपर गुरप्रीत और डिफेंडर संदेश होंगे।

लेकिन खबर है कि भारत ने 22 लोगों की टीम सौंपी है, लेकिन उस टीम में उनका नाम नहीं है। कल्याण, जिन्होंने घोषणा की कि सुनील और अन्य टीम में होंगे, न केवल भारतीय फुटबॉल महासंघ के प्रमुख हैं, बल्कि भारतीय ओलंपिक संगठन के संयुक्त सचिव और सीईओ भी हैं। उन्होंने कहा कि तीनों फुटबॉलर एशियन गेम्स में जाएंगे और सुनील उनका नेतृत्व करेंगे।

इस बात को लेकर अनिश्चितता थी कि एशिया में 18वें स्थान पर रहने वाली भारतीय फुटबॉल टीम को एशियाई खेलों में भेजा जाएगा या नहीं। भारत एशियाई खेलों में केवल उन्हीं खेलों में भाग लेता है जिनमें वे शीर्ष आठ में रहते हैं। लेकिन फुटबॉल में ऐसा नहीं होने के कारण टीम भेजी जायेगी या नहीं, इसमें संशय था।

आख़िरकार भारत की पुरुष और महिला फ़ुटबॉल टीमें भेजने का निर्णय लिया गया। केंद्र को मनाने का श्रेय कल्याण को दिया जाता है। उन्होंने शुक्रवार को कहा, ”सुनील को भेजा जा रहा है। हम पुरुष और महिला दोनों वर्गों में सर्वश्रेष्ठ टीमें भेज रहे हैं। यह भारत के लिए सम्मान की बात है। अगर सुनील टीम में होंगे तो ये बड़ी बात होगी।

कोच इगोर स्टिमाच का अनुभव एशियाड की तैयारियों में भी काम आएगा। शनिवार को पता चला कि कल्याण और भारतीय ओलंपिक संगठन ने एशियाई खेलों के आयोजकों से सुनील, गुरप्रीत और संदेश को जाने की अनुमति देने का अनुरोध किया है। एक पत्र भी भेजा गया है। इससे सवाल उठता है कि अगर भारतीय फुटबॉल संघ और भारतीय ओलंपिक संगठन को लगता है कि इन तीन फुटबॉलरों को भेजा जाएगा, तो उनका नाम क्यों नहीं दिया गया?

और अगर उन्हें छोड़ दिया गया तो आयोजकों ने सुनील से जाने की इजाजत क्यों मांगी। सूत्रों के मुताबिक, सुनीले एवं शेष को यकीन नहीं था कि वह जाएंगे या नहीं। बाद में उन्होंने अपना मन बदल लिया और जाने को तैयार हो गये। एशियन गेम्स के लिए नाम 15 जुलाई को भेजे गए थे। उस वक्त सुनील का नाम नहीं भेजा गया था।

कल्याण ने यह स्वीकार किया। उन्होंने कहा, ”जब हम केंद्र सरकार के पास फुटबॉल टीम भेजने का अनुरोध करने गए तो आयोजकों को फुटबॉल टीम का नाम भेज दिया गया। मुझे नहीं पता था कि वहां सुनील का नाम नहीं है। जैसे ही मुझे इसकी जानकारी हुई तो मैंने खुद ही सुनील का नाम जोड़ने के लिए आवेदन कर दिया।

सुनील, गुरप्रीत और संदेश के नाम आयोजकों को भेज दिए गए हैं। ऐसे में सुनील का एशियन गेम्स में खेलना अभी तय नहीं है। अगर आयोजक कल्याण की मांग मान लेंगे तो ही सुनील को खेलने की इजाजत मिलेगी। अन्यथा, भारत को उन 22 टीमों के नाम के साथ खेलना होगा जो भेजे गए हैं। उस टीम में अनवर अली, दीपक टांगरी, आकाश मिश्रा जैसे होनहार युवा हैं।