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साबित हुआ कि लालू धाकड़ नेता क्यों हैं, देखें वीडियो

  • हंसी की बातों के बीच लालू का गंभीर संकेत

  • दूसरे सवालों की दिशा मोड़ने की महारत है

  • सामाजिक समीकरणों को बांधने की पहल

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः पटना में आयोजित विरोधी दलों की बैठक में गंभीर मुद्दों पर सवालों को टाला कैसे जाता है, यह लालू प्रसाद यादव ने फिर से साबित कर दिया। इस छोटी से घटना को लेकर मौजूद पत्रकार और राजनेता हंसने पर मजबूर हुए लेकिन उससे आगे जो कड़वे सवाल आ सकते हैं, वह इसी हंसी के फव्बारे के बीच गोल कर गये। वैसे इस दौरान ही हेमंत सोरेन और राहुल गांधी की नजदीकी का भी एहसास समझदार लोगों को हुआ।

लालू प्रसाद ने अपनी बात रखते हुए गंभीर बातों को अपने हंसी के अंदाज में ही कहा। उन्होंने कहा कि इस बार हनुमान जी ने भाजपा की पीठ पर गदा से वार किया है। हनुमान जी अब हमारी तरफ आ गये हैं। आम लोगों को उनके इस अंदाज में छिपे राजनीतिक शब्द समझ में भले ही नहीं आये पर राजनीति के अनुभवी लोगों ने समझा कि वह दरअसल किस सामाजिक समीकरण को और मजबूत करने की बात कह रहे हैं।

देखें वह वीडियो जिसकी चर्चा हो रही है

रामायण के पात्रों को उद्धृत करते हुए उन्होंने कहा कि हमलोग अब कोल, भील, नील और नल को एक साथ कर आगे बढ़ रहे हैं। सुनने में भले ही यह धार्मिक कथा का एक हिस्सा हो लेकिन सामाजिक समीकरणों को अपने पाले में करने का अनुभवी खिलाड़ी इस बात को कहने के जरिए समाज के आदिवासी, दलितों, अति पिछड़ों और ओबीसी को जो संदेश देना चाहते थे, वह भाजपा के लिए कतई सुखद नहीं है।

दरअसल इस बात के जरिए लालू प्रसाद ने भाजपा खेमा को वह जबाव भी दे दिया, जिसके बारे में कई भाजपा नेताओं ने दुल्हा कौन का सवाल उठाया था। साथ ही वह जातिगत गोलबंदी कैसे होगी, इस रणनीति का खुलासा भी रामायण के पात्रों के जरिए कर गये। दरअसल यह बातें आम लोगों के लिए दूसरी थी जबकि लालू प्रसाद की गंभीर राजनीति को जानने वालों के लिए इन बातों का दूसरा ही निहितार्थ था।

इसके बाद ही उन्होंने राहुल गांधी की शादी की बात छेड़ दी। उन्होंने ऐसे अंदाज में इस बात को रखा कि लोगों का ध्यान इस परिहास की तरफ चला गया और लोग जो गंभीर सवाल बचे हुए थे, उसे ही भूल गये। यही लालू प्रसाद की राजनीतिक कला है कि गंभीर बातों की दिशा को अचानक मोड़कर दूसरी तरफ भेज देना तथा हल्की बातों का गंभीरतापूर्वक विश्लेषण करना।

अब रही बात हेमंत सोरेन और राहुल गांधी की नजदीकी रिश्तों की तो अधिकांश लोगों को ध्यान इस तरफ नहीं गया कि प्रेस कांफ्रेंस के दौरान भी यह दोनों नेता आपस में बात कर रहे थे। जब लालू प्रसाद राहुल गांधी से शादी करने की बात कह रहे थे तो इसी परिहास के मौके पर हेमंत सोरेन ने राहुल गांधी की पीठ पर हाथ मारा।

आम तौर पर बहुत अधिक नजदीकी नहीं होने की स्थिति में कोई भी ऐसा नहीं करता। वैसे हंसी के बीच यह घटनाक्रम इतना तेज हुआ कि बहुत सारे लोगों का ध्यान ही इस तरफ नहीं जा पाया। वैसे यह स्पष्ट हो गया है कि इन राजनीतिक समीकरणों को देखते हुए आने वाले दिनों में बिहार और झारखंड की राजनीति में बहुत कुछ बदलाव देखने को मिल सकता है।