Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
लालजीत भुल्लर पर सीएम मान का 'हथौड़ा'! इस्तीफा मंजूर और अब FIR के आदेश; अफसर की पत्नी के खुलासे ने ह... Wife Murder Case: पति ने की पत्नी की हत्या, फिर सास को दी चुनौती; "तुम्हारी बेटी को मार डाला, फोटो भ... क्रिकेट के मैदान पर 'काल' का साया! बैटिंग कर रहे 30 साल के खिलाड़ी को आया हार्ट अटैक; पिच पर ही तड़प... दिल्ली-हरियाणा के बीच 'सुपरफास्ट' सफर! 16KM लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर का काम शुरू; रोहिणी से शालीमार बाग... Odisha Bus Fire: ओडिशा के विधायक मंगू खिला की बस में लगी आग, 36 लोगों के साथ सुरक्षित निकले बाहर; मच... हिमाचल में 'कंगाली' की नौबत! सीएम सुक्खू समेत मंत्रियों और विधायकों की सैलरी पर चली कैंची; खुद मुख्य... नासिक की 'कैप्टन फाइल्स' बेनकाब! 500 करोड़ का साम्राज्य, 58 अश्लील वीडियो और IAS अफसरों से कनेक्शन; ... ग्लोबल इकोनॉमी पर 'वॉर' का प्रहार! हॉर्मुज संकट से $120 के पार पहुँचा कच्चा तेल; ट्रेड ठप, अब महंगाई... आधी सदी बाद फिर चांद की दहलीज पर इंसान प्रधानमंत्री मोदी ने ईरानी राष्ट्रपति से की बात

मात्र चार महीने में पेरू की चौतीस सौ महिलाएं लापता

लिमाः देश में इस वर्ष के जनवरी से अप्रैल के बीच पेरू में 3,400 से ज्यादा महिलाएं लापता हो गईं। देश के लोकपाल कार्यालय ने शनिवार (10 जून) को कहा। यह बात बाहर आने के बाद वहां राजनीतिक बवाल मच गया है। 2023 के पहले चार महीनों में, 3,406 महिलाओं के लापता होने की सूचना मिली थी।

कार्यालय की रिपोर्ट के मुताबिक लापता हुई महिलाओं और लड़कियों में से केवल 1,902 ही पाए गए हैं, और 1,504 अभी भी लापता हैं। वैसे सरकारी स्तर पर इन महिलाओं का क्या हुआ है, इस बारे में अब तक कोई औपचारिक बयान नहीं आया है। देश के उप लोकपाल इसाबेल ऑर्टिज़ ने कहा कि गायब होने को पेरू में आसन्न खतरे की स्थिति के रूप में देखा जाना चाहिए।

उन्होंने कहा, राज्य 33 मिलियन लोगों के इस देश में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठा रहा है। इसी बहस के बीच यह आंकड़ा भी सामने आया है कि महिलाओं और लड़कियों के लापता होने का यह सिलसिला पहले से ही चला आ रहा है। आंकड़ों के मुताबिक 2022 में, 5,380 से अधिक महिलाओं, ज्यादातर लड़कियों और किशोरों के लापता होने की सूचना मिली थी।

यह संख्या 2021 के मुकाबले 9.7 फीसदी कम है। विभिन्न नारीवादी गैर सरकारी संगठनों के अनुसार, पुलिस और अभियोजक का कार्यालय कई मामलों की पर्याप्त जांच नहीं करता है क्योंकि उनका मानना ​​है कि महिलाएं स्वेच्छा से भाग गई हैं। दूसरी तरफ इन महिलाओं और लड़कियों का इस्तेमाल मानव तस्करी के लिए भी किये जाने का संदेह व्यक्त किया गया है।

दरअसल सरकारी स्तर पर औपचारिक तौर पर इनके लापता होने पर कोई बयान नहीं आने की वजह से ही ऐसा संदेह और बढ़ रहा है। कुछ संगठनों ने आशंका जतायी है कि देश में व्याप्त गरीबी का फायदा उठाकर कोई अंतर्राष्ट्रीय गिरोह चंद पैसों की लालच में इन महिलाओ को दूसरे देशों तक पहुंचा रहा है। एक बार देश से बाहर चले जाने के बाद वे दरअसल कहां और किस हाल में है, इसकी जानकारी भी नहीं मिल पा रही है।