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नकारात्मकता से भरे लोग अच्छा नहीं देखना चाहते: मोदी

नाथद्वारा: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि केन्द्र सरकार ने आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर काम करते हुए देश में अर्थव्यवस्था को एक नई गति दी है लेकिन कुछ लोग विकृत विचारधारा के शिकार हो चुके है और इतनी नकारात्मकता से भरे हुए है कि देश में कुछ भी अच्छा होता हुआ वे देखना ही नहीं चाहते।

श्री मोदी आज यहां श्रीनाथजी मंदिर में दर्शन के बाद जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने किसी का नाम लिए बिना कहा कि अब उन्हें सिर्फ विवाद खड़ा करना ही अच्छा लगता है। कुछ लोग उपदेश देते है कि आटा पहले कि डाटा पहले, सड़क पहले कि सेटेलाइट पहले लेकिन इतिहास गवाह है कि स्थाई एवं तेज विकास के लिए मूल व्यवस्थाओं के साथ ही आधुनिक इन्फ्रा बनाना भी जरुरी होता है।

उन्होंने कहा कि जो लोग कदम कदम पर हर चीज वोट के तराजू से तोलते है, वह देश के भविष्य को ध्यान में रखकर योजना नहीं बनाते। कई बार देखते है गांव में पानी टंकी चार- पांच साल में ही छोटी पड़ जाती है। सड़के एवं फ्लाई ओवर चार-पांच साल में ही अपर्याप्त होने लगते है।

हमारे देश में इसी सोच ने इन्फ्रास्ट्रक्चर निर्माण को प्राथ्मिकता नहीं दी है इसका बहुत बड़ा नुकसान देश ने उठाया है। अगर पहले ही मेडिकल कालेज बन गये होते तो आज चिकित्सकों की की कमी नही होती। उन्होंने कहा कि रेलवे लाइनों का बिजलीकरण हो गया तो आज इसके लिए हजारो करोड़ रुपए खर्च कर काम करने की जरुरत नही होती।

उन्होंने कहा कि अगर पहले ही हर घर तक नल से जल आता तो आज साढ़े तीन लाख करोड़ का जलजीवन मिशन शुरु नहीं करना पड़ता। प्रधानमंत्री ने कहा कि नकारात्मकता से भरे हुए लोग राजनीति से ऊपर उठकर कुछ नहीं सोच सकते हैं। उन्होंने कहा कि नाथद्वारा के नंद समंद बांध एवं टांटोड़ बांध नहीं बने होते तो क्या होता।

उन्होंने लाखा बंजारा का जिक करते हुए कहा कि लाखा बंजारा का नाम बार बार आता है, पानी के लिए लाखा बंजारा ने अपना जीवन खपा दिया । हालात यह है कि इतना काम करने वाले और पानी की समस्या का समाधान करने वाले लाखा बंजारा अगर आज चुनाव में खड़ा हो जाये तो नकारात्मक सोच वाले उसे भी हराने के लिए मैदान में आ जायेंगे। उसके लिए भी पार्टियों को इक्कट्ठा करेंगे।