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नौसेना के युद्धपोत से पांच सौ लोग रवाना

  • देश की दो सेनाएं आपस में युद्धरत

  • विदेश मंत्रालय ने निकासी की सूचना दी

  • लड़ाई में अब तक चार सौ से अधिक मारे गये

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्ली: भारत के विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि सूडान में फंसे भारतीयों के पहले समूह ने सऊदी अरब के जेद्दाह के लिए एक भारतीय नौसेना के युद्धपोत में संघर्ष-प्रभावित देश छोड़ दिया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने आईएनएस सुमेधा में सवार भारतीयों की तस्वीरें ट्वीट कीं। इनमें कैप्सन के तौर पर लिखा गया है कि ऑपरेशन कावेरी के तहत फंसे हुए भारतीयों का पहला जत्था सूडान से रवाना हुआ। आईएनएस सुमेधा 278 लोगों के साथ पोर्ट सूडान से जेद्दाह के लिए रवाना।

निकासी प्रक्रिया की निगरानी के लिए विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन के जेद्दा में होने की उम्मीद है। विदेश मंत्रालय ने 23 अप्रैल को कहा कि संघर्ष में फंसे भारतीय नागरिकों को निकालने के लिए भारत ने सऊदी अरब में दो भारी-भरकम विमान और सूडान के तट पर एक जहाज भेजा।

सोमवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि 500 भारतीय नागरिक सूडान के बंदरगाह पर पहुंच गए हैं और निकासी का इंतजार कर रहे हैं। अन्य देश भी संघर्षग्रस्त सूडान से नागरिकों को निकालने के लिए छटपटा रहे हैं। अमेरिका और ब्रिटेन ने घोषणा की कि उन्होंने राजनयिकों को देश से बाहर कर दिया है।

फ्रांस, सऊदी अरब, जर्मनी, इटली और स्पेन ने भी राजनयिकों के साथ-साथ उनके परिवारों और यहां तक कि अन्य देशों के नागरिकों को भी निकाला। चीन ने मंगलवार को संघर्ष प्रभावित सूडान से अपने नागरिकों के पहले जत्थे को भी निकाला। दक्षिण कोरिया भी वहां फंसे अपने नागरिकों को निकालने के लिए एक सैन्य विमान भेजने वाला है।

सूडान में युद्धरत गुटों द्वारा 72 घंटे के युद्धविराम की घोषणा की गई है और विदेशी राष्ट्र, जिनके नागरिक संघर्ष में फंस गए हैं, वे इसे अपने नागरिकों को बचाने के एक अवसर के रूप में देख रहे हैं। 15 अप्रैल को सशस्त्र बलों के प्रमुख जनरल अब्देल-फतह बुरहान और रैपिड सपोर्ट फोर्सेज अर्धसैनिक समूह के प्रमुख के बीच लड़ाई में कम से कम 400 लोग मारे गए हैं और कई हजारों घायल हुए हैं।

इधर देश में चुनावी माहौल गर्म होने के अलावा भी कई अलग अलग कारणों से वि•िान्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार पर त्वरित कार्रवाई नहीं करने की शिकायत की थी। खास तौर पर कर्नाटक में कांग्रेस नेता सिद्धारमैया ने इस मुद्दे पर विदेश मंत्री पर निशाना साधा था।

कई राज्य सरकारों ने भी इस मामले में अपने अपने राज्य के लोगों के वहां फंसे होने की वजह से मोदी सरकार से कार्रवाई की मांग की थी। केंद्र सरकार ने अपनी नौसेना को वहां के करीब पहले ही पहुंचा दिया था। वहां युद्धविराम की स्थिति बनते ही यह पोत सूडान के बंदरगाह पर पहुंचा और भारतीय नागरिकों की पहली खेप को लेकर वहां से रवाना हो गया है।