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ईरान युद्ध से चुनाव परिणाम प्रभावित हुएः ट्रंप

चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद खुद ही स्वीकार किया

पहली बार सच स्वीकार किया

जनता के मूल मुद्दों से भटकाव

सुंदरीकरण योजना पर फालतू खर्च

वॉशिंगटनः अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने आखिरकार यह स्वीकार कर लिया है कि ईरान के खिलाफ हाल ही में शुरू की गई सैन्य कार्रवाई के कारण ही उनकी पार्टी रिपब्लिकन को अमेरिकी मध्यावधि चुनावों में ऐतिहासिक और शर्मनाक पराजय झेलनी पड़ी है। हालांकि, भारी चुनावी नुकसान के बावजूद उन्होंने अपने फैसले का पुरजोर बचाव किया। ट्रम्प का कहना था कि तेहरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने और वैश्विक सुरक्षा के लिए हमें यह कड़ा कदम उठाना ही पड़ा, भले ही इसकी राजनीतिक कीमत उनकी पार्टी को क्यों न चुकानी पड़ी हो।
मंगलवार को हुए मध्यावधि चुनावों के नतीजों ने वाशिंगटन के राजनीतिक परिदृश्य को पूरी तरह बदल दिया है। विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी ने शानदार जीत दर्ज करते हुए अमेरिकी संसद के दोनों सदनों—प्रतिनिधि सभा और सीनेट पर अपना पूर्ण नियंत्रण स्थापित कर लिया है।

आगामी जनवरी में जब 119वीं नई अमेरिकी कांग्रेस की बैठक आयोजित होगी, तो शक्ति संतुलन ट्रम्प के दूसरे राष्ट्रपति कार्यकाल के शुरुआती दो सालों से बिल्कुल उलट दिखेगा। पिछले दो वर्षों तक संसद के दोनों सदनों में रिपब्लिकन पार्टी का दबदबा था, जिससे ट्रम्प आसानी से अपने फैसले लागू कर पा रहे थे।

अब डेमोक्रेट्स के पास ट्रम्प प्रशासन की विदेश और सैन्य नीतियों पर कड़ा अंकुश लगाने, जांच बैठाने और उनके विधायी प्रस्तावों को रोकने की व्यापक शक्तियाँ होंगी। हालांकि, एक अमेरिकी राष्ट्रपति के पास कांग्रेस की औपचारिक मंजूरी के बिना भी कई प्रशासनिक और रक्षा संबंधी फैसले लेने के अधिकार सुरक्षित रहते हैं।

चुनावी अभियान के दौरान आम नागरिकों के बीच बढ़ती महंगाई, रोजमर्रा के खर्च और जीवन-यापन की लागत सबसे बड़े मुद्दे थे। लेकिन आलोचकों का आरोप है कि राष्ट्रपति ट्रम्प का ध्यान देश की वास्तविक आर्थिक समस्याओं से पूरी तरह भटका हुआ था। केवल डेमोक्रेट्स ही नहीं, बल्कि रिपब्लिकन पार्टी के भीतर के कई नेताओं ने भी ट्रम्प की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाए।

आलोचकों ने कहा कि जब जनता महंगाई से जूझ रही थी, तब राष्ट्रपति का ध्यान व्हाइट हाउस के बॉलरूम के नवीनीकरण, भव्य विजय मेहराब के निर्माण और रिफ्लेक्टिंग पूल के सौंदर्यीकरण जैसे निजी महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट्स पर केंद्रित था। ट्रम्प ने अभियान के आखिरी दौर में भी इन्हीं निर्माण कार्यों का जिक्र किया, लेकिन बाद में उन्होंने स्वीकार किया कि ईरान युद्ध ने कुछ मतदाताओं को पार्टी से जरूर दूर किया।

इस भारी चुनावी हार के तुरंत बाद ट्रम्प प्रशासन के भीतर बड़े प्रशासनिक फेरबदल की सुगबुगाहट तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, ट्रम्प अपने करीबी सलाहकारों के साथ रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ को पद से हटाने पर विचार कर रहे हैं। यही नहीं, व्हाइट हाउस के रणनीतिकारों का मानना है कि हार की जिम्मेदारी उन शीर्ष सैन्य अधिकारियों पर भी डाली जाएगी जिन्होंने ईरान पर हमले की रणनीति तैयार की थी, जिनमें यूएस सेंटकॉम प्रमुख एडमिरल ब्रैड कूपर और जॉइंट चीफ्स के अध्यक्ष जनरल डैन केन शामिल हैं।

हेगसेथ की जगह फ्लोरिडा के गवर्नर रॉन डेसेंटिस को नया रक्षा मंत्री बनाने की चर्चा गर्म है। हालांकि, दबाव बढ़ता देख बुधवार को राष्ट्रपति ट्रम्प ने इन खबरों को खारिज करते हुए कहा कि हेगसेथ बहुत बेहतरीन काम कर रहे हैं, वहीं व्हाइट हाउस की प्रवक्ता एना केली ने भी बयान जारी कर कहा कि राष्ट्रपति को अपने रक्षा मंत्री पर पूरा भरोसा है।