Breaking News in Hindi

अब झाड़ग्राम में भी गूंजेगी टाइगर की दहाड़!

विदेशी तर्ज पर बनने जा रहा है विशाल सफारी पार्क

रांची के करीब नया पर्यटन केंद्र होगा

तेइस एकड़ भूखंड में हो रहा है निर्माण

अनेक प्राणी पहले से ही यहां हैं

राष्ट्रीय खबर

पुरुलियाः अब पश्चिम बंगाल के सुंदर और प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण झाड़ग्राम में भी बाघ की दहाड़ सुनाई देगी। जंगलमहल जूलॉजिकल पार्क में टाइगर सफारी पार्क बनाने का काम इस समय युद्धस्तर पर चल रहा है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के पूरा होते ही पार्क में रॉयल बंगाल टाइगर लाए जाएंगे। राज्य प्रशासन को पूरी उम्मीद है कि इस टाइगर सफारी पार्क के बन जाने से झाड़ग्राम में पर्यटन की अपार संभावनाएं पैदा होंगी। अगर सब कुछ योजना के मुताबिक ठीक रहा, तो आगामी दो वर्षों के भीतर इस टाइगर सफारी पार्क का निर्माण कार्य पूरी तरह से संपन्न हो जाएगा।

झाड़ग्राम शहर से मात्र डेढ़ से दो किलोमीटर की दूरी पर स्थित धवनी बीट में, लगभग तेईस हेक्टेयर भूमि पर फैले इस खूबसूरत और प्राकृतिक जंगल के बीच झाड़ग्राम का यह प्रसिद्ध चिड़ियाघर स्थित है। इस चिड़ियाघर का सबसे मुख्य आकर्षण इसका मनमोहक और प्राकृतिक परिवेश है। एक समय था जब यहाँ विभिन्न स्थानों से रेस्क्यू करके लाए गए हिरणों को रखा जाता था। बाद में यहाँ विभिन्न प्रजातियों के अन्य वन्यजीवों को भी आश्रय मिलने लगा। इसके बाद इस चिड़ियाघर का नाम बदलकर ‘जंगलमहल जूलॉजिकल पार्क’ रख दिया गया और इसे एक पूर्ण विकसित चिड़ियाघर के रूप में विस्तारित करने का कार्य तेजी से शुरू किया गया।

वर्तमान समय में इस चिड़ियाघर का पूरा स्वरूप ही बदल चुका है। आधुनिक पशु चिकित्सा अस्पताल से लेकर जानवरों के रहने के लिए उच्च गुणवत्ता वाले आधुनिक बाड़े (एनक्लोजर) तक तैयार किए गए हैं। प्राकृतिक और खुले वातावरण में यहाँ वर्तमान में 339 विभिन्न प्रजातियों के पशु, पक्षी और सांप निवास कर रहे हैं। इनमें तेंदुए से लेकर साही, लकड़बग्घा, भेड़िया, भालू, कछुआ, फिशिंग कैट, जंगल कैट, मोर, नीलगाय, गोइठा (गोड़साप), और कोबरा, रसेल वाइपर, अजगर जैसे कई जहरीले सांप शामिल हैं। इसके अलावा, यहाँ का मुख्य आकर्षण चीतल हिरण, सांभर और बार्किंग डियर हैं। बाज और गिद्ध सहित विभिन्न प्रकार के पक्षी और कई प्रजातियों के बंदर भी यहाँ पर्यटकों को लुभाते हैं। अब इस सूची में जंगल के राजा बाघ का नाम भी जुड़ने जा रहा है, जिसके लिए जरूरी बुनियादी ढांचे के निर्माण का काम तेजी से चल रहा है।

कुछ समय पहले ही राज्य के वन मंत्री मनोज कुमार उरांव ने खुद मौके पर जाकर पूरी स्थिति का जायजा लिया था। उस दौरान मंत्री ने जानकारी दी थी कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने झाड़ग्राम टाइगर सफारी के लिए राज्य के पहले बजट में ही 25 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। शुरुआती चरण का काम भी जल्द शुरू होने वाला है और कुछ ही दिनों में इसके लिए टेंडर प्रक्रिया भी पूरी कर ली जाएगी। फिलहाल शुरुआती तौर पर 65 एकड़ भूमि के दायरे में टाइगर सफारी का निर्माण किया जाएगा।

इस सफारी के शुरू होने से यहाँ की स्थानीय अर्थव्यवस्था में एक क्रांतिकारी बदलाव आएगा। हमारी सरकार इस बात का प्रयास कर रही है कि इस पिछड़ी हुई और आदिवासी बहुल क्षेत्र को अधिक से अधिक महत्व दिया जाए। जहाँ पहले यहाँ लगभग दो लाख पर्यटक आते थे, वहीं इस सफारी के शुरू हो जाने के बाद पर्यटकों की संख्या दोगुनी हो जाएगी। मंत्री ने यह भी कहा कि इस परियोजना से पूरे इलाके की काया पलट जाएगी।

यहाँ यह बताना भी जरूरी है कि टाइगर सफारी के सुचारू संचालन और निर्माण के लिए भूमि एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा कुल 226.37 एकड़ जमीन वन विभाग को औपचारिक रूप से सौंपी जा रही है। मुख्य रूप से यह पूरी सफारी सिलीगुड़ी (बंगाल सफारी) के मॉडल पर आधारित होगी। यहाँ तक कि वहाँ से अतिरिक्त पाँच रॉयल बंगाल टाइगर, तेंदुए, हॉग डियर और स्पेटेड डियर को यहाँ स्थानांतरित करके लाया जाएगा। राज्य चिड़ियाघर प्राधिकरण (स्टेट जू अथॉरिटी) ने इन बाघों को चिह्नित करने के लिए पहले ही आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं। इसके अलावा, केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण (सेंट्रल जू अथॉरिटी) से विधिवत अनुमति प्राप्त करने के लिए भी आवेदन कर दिया गया है, जिससे इस महत्वाकांक्षी योजना के जल्द ही धरातल पर उतरने की पूरी उम्मीद है।