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रूस और यूक्रेन के आपातकालीन अलर्ट ऐप में सेंध

दोनों देशों के नागरिकों को हैकरों ने फर्जी संदेश भेजा

मॉस्कोः यूक्रेन और रूस के आधिकारिक आपातकालीन चेतावनी ऐप्स में हैकिंग के जरिए फर्जी साइबर हमला किए जाने का मामला सामने आया है। रविवार और सोमवार की दरमियानी रात दोनों देशों के नागरिकों के मोबाइल पर परमाणु हमले, विकिरण, रासायनिक खतरे और मिसाइल दागे जाने की झूठी सूचनाएं भेजी गईं, जिससे नागरिकों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

यूक्रेन के वायुसेना और नागरिक सुरक्षा एजेंसियों ने बताया कि रविवार रात लगभग 10 बजे यूक्रेन के लोकप्रिय एयर अलर्ट ऐप पर अचानक संदेश प्रसारित होने लगे। इन संदेशों में कीव और आसपास के इलाकों में परमाणु और रासायनिक खतरे का दावा किया गया था। साथ ही, रूस की हाइपरसोनिक ओरेश्निक मिसाइल दागे जाने और सड़कों पर सीधी झड़प होने की फर्जी सूचनाएं दी गईं। हालांकि, यूक्रेन के रणनीतिक संचार केंद्र ने तुरंत स्थिति संभाली और स्पष्ट किया कि ऐप दुश्मनों की हैकिंग का शिकार हुआ है और किसी भी प्रकार का परमाणु या विकिरण खतरा नहीं है।

रूस के आपातकालीन मंत्रालय का ऐप भी हैकयूक्रेन में हुए इस साइबर हमले के कुछ ही घंटों बाद, सोमवार तड़के रूस के नागरिक सुरक्षा, आपातकालीन स्थिति और आपदा राहत मंत्रालय के चेतावनी ऐप को भी एक बड़े साइबर हमले का निशाना बनाया गया। रूसी ऐप उपयोगकर्ताओं को यह फर्जी संदेश भेजा गया कि यूक्रेन के P1-Sun ड्रोन पर परमाणु वारहेड तैनात कर रूस के सभी क्षेत्रों पर हमला कर दिया गया है। संदेश में नागरिकों को तीन सप्ताह का भोजन जमा करने और सुरक्षित स्थानों में छिपने की ताकीद दी गई थी। रूसी मंत्रालय ने पुष्टि की कि ऐप को व्यापक साइबर हमले के बाद अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया था।

विराम के खत्म होते ही साइबर युद्ध में तेजी डिजिटल और मनोवैज्ञानिक युद्ध की यह घटना ऐसे समय में हुई है जब खेरसॉन क्षेत्र के ओलेश्की में अमेरिका की प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप की मध्यस्थता से शुरू हुआ छह दिवसीय स्थानीय संघर्ष विराम समाप्त हुआ है। इस युद्धविराम के समाप्त होते ही सीमावर्ती क्षेत्रों में सैन्य और डिजिटल तनाव में एक नया उछाल देखा जा रहा है। यद्यपि इससे पहले दोनों देशों द्वारा एक-दूसरे की वेबसाइटों और बुनियादी ढांचों पर साइबर हमले किए जाते रहे हैं, लेकिन यह पहली बार है जब सीधे नागरिकों को जागरूक करने वाले आपातकालीन ऐप प्रणालियों को हैक कर इस स्तर का भ्रम फैलाया गया है।