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चुनाव जीतकर भाजपा का समर्थन करने वाले विधायक फंसे

राजद ने दोनों की सदस्यता रद्द करने की मांग की

निर्दलीय जीत हासिल की थी दोनों ने

भाजपा कार्यालय से दोनों ने एलान किया

जरूरत पड़ी तो अदालत जाने की धमकी

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः राष्ट्रीय जनता दल ने रविवार को बिहार विधान परिषद के लिए चुने गए दो निर्दलीय प्रत्याशियों द्वारा भारतीय जनता पार्टी को समर्थन देने की घोषणा के बाद उनकी सदस्यता रद्द करने की मांग की है। आरजेडी ने भाजपा पर जनादेश की चोरी का आरोप लगाया है। आरजेडी सांसद मनोज झा ने कहा कि पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल विधान परिषद के सभापति से मिलकर बंशीधर ब्रजवासी और राहुल राज की अयोग्यता की मांग करेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आवश्यकता पड़ने पर पार्टी अदालत का दरवाजा भी खटखटाएगी।

दोनों निर्दलीय उम्मीदवारों ने शनिवार को चुनाव जीतने के कुछ ही दिनों बाद भाजपा में शामिल होने की घोषणा की थी। ब्रजवासी ने तिरहुत स्नातक क्षेत्र से अपनी सीट बरकरार रखी, जबकि राहुल राज ने सारण शिक्षक क्षेत्र से जन सुराज समर्थित विधान पार्षद अफ़ाक अहमद को हराकर जीत हासिल की थी।

यह घोषणा पटना स्थित भाजपा कार्यालय में की गई, जहां दोनों नेताओं ने उपमुख्यमंत्री और प्रदेश नेतृत्व के प्रति विश्वास व्यक्त किया। हालांकि, ब्रजवासी ने बाद में एक वीडियो जारी कर औपचारिक रूप से पार्टी में शामिल होने से इनकार करते हुए कहा कि उन्होंने केवल अपना समर्थन दिया है।

आरजेडी मुख्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए मनोज झा ने संविधान की दसवीं अनुसूची के अनुच्छेद 2(2) का हवाला दिया, जो किसी निर्दलीय विधायक या विधान पार्षद द्वारा चुनाव जीतने के बाद किसी राजनीतिक दल में शामिल होने पर उनकी अयोग्यता का प्रावधान करता है। उन्होंने अनुच्छेद 191(2) का भी जिक्र करते हुए तर्क दिया कि दोनों उम्मीदवार अब विधान परिषद के सदस्य के रूप में पदभार संभालने के पात्र नहीं हैं।

मनोज झा ने कहा, हमने वोट चोरी के बारे में सुना था, लेकिन यह जनादेश की चोरी है। मैं इसे चोरी भी नहीं कहूंगा, यह तो सीधे तौर पर डकैती है।

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने अपने सहयोगी दल जनता दल (यूनाइटेड) को कमजोर करने के लिए इन दोनों उम्मीदवारों का समर्थन लिया है। झा ने प्रत्याशियों के केवल बाहरी समर्थन देने के दावे को खारिज करते हुए प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक वीडियो क्लिप दिखाई, जिसमें दोनों नेता सदस्यता की पर्ची पकड़े नजर आ रहे थे, जो उनके औपचारिक रूप से पार्टी में शामिल होने का प्रमाण है।

उन्होंने विधान परिषद के सभापति से निष्पक्ष कार्रवाई करने का आग्रह किया और चेतावनी दी कि यदि दोनों को अयोग्य घोषित नहीं किया गया, तो आरजेडी कानूनी कार्रवाई और जन आंदोलन का रास्ता अपनाएगी।