काफी दिनों बाद रामलीला मैदान में दिखी लाखों की भीड़
सीईसी को तो जेल जाना ही होगा
राष्ट्रद्रोह का गंभीर अपराध है यह
भाजपा ने कहा रैली फ्लॉप हो गयी
राष्ट्रीय खबर
नई दिल्ली: निर्वाचन आयोग की विशेष गहन संशोधन प्रक्रिया के खिलाफ दिल्ली के रामलीला मैदान में इंडिया गठबंधन की एक विशाल जनसभा का आयोजन किया गया। वोट बचाओ, देश बचाओ का नारा देते हुए इस कार्यक्रम में विपक्षी गठबंधन के कई शीर्ष नेता शामिल हुए। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, मल्लिकार्जुन खड़गे, ममता बनर्जी, अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव और फारूक अब्दुल्ला जैसे नेताओं के नेतृत्व में विरोध मार्च सभा स्थल की ओर बढ़ा, जहां बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हुए।
इस मंच से विपक्ष ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई। एसआईआर प्रक्रिया में अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाते हुए इंडिया गठबंधन ने इसे वोटों की चोरी करार दिया। वहीं दूसरी ओर, निर्वाचन आयोग ने राजनीतिक पक्षपात के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि मतदाता सूची के संशोधन की पूरी प्रक्रिया नियमों के तहत निष्पक्ष रूप से चल रही है।
रामलीला मैदान की इस जनसभा से कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि इन तीनों को देश की भावना से अवगत कराने की जरूरत थी और जनता ने यह स्पष्ट संदेश दे दिया है। राहुल गांधी के अनुसार, यह आवाज केवल राजनीतिक गलियारों की नहीं, बल्कि छात्रों और युवाओं की भी है, जो यह साफ करती है कि संविधान को किसी भी कीमत पर नष्ट नहीं होने दिया जाएगा। कोई भी व्यक्ति संविधान से ऊपर नहीं है। बंगाल का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी ने बंगाल की बात रखी है, लेकिन सिर्फ बंगाल ही नहीं, बल्कि महाराष्ट्र, बिहार, मध्य प्रदेश, कर्नाटक और यहां तक कि पूरे लोकसभा चुनाव में वोट चोरी के आरोप लगे हैं। साल 2024 के लोकसभा चुनाव का जिक्र करते हुए उन्होंने दावा किया कि एनडीए और विपक्ष के बीच मतों का अंतर केवल 3 प्रतिशत था, जिसके बाद लगभग 15 प्रतिशत मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए। राहुल गांधी का तर्क था कि इसका सीधा मतलब यही है कि 2024 का चुनाव अवैध था, और यह तथ्य निर्वाचन आयोग के आंकड़ों से ही सिद्ध होता है।
दूसरी तरफ, भारतीय जनता पार्टी ने दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित इंडिया गठबंधन की इस रैली पर तीखा तंज कसते हुए इसे पूरी तरह सुपर फ्लॉप करार दिया। भाजपा का दावा है कि रैली के दौरान मैदान का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा खाली पड़ा रहा। भाजपा सांसद संबित पात्रा ने राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं पर कटाक्ष करते हुए 10 लाख लोगों के जुटने के दावों पर सवाल उठाया। संबित पात्रा ने कहा कि कांग्रेस 50,000 की क्षमता वाले रामलीला मैदान को भी पूरा नहीं भर सकी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का पद केवल चालबाजियों से हासिल नहीं होता, बल्कि पीएम का अर्थ पसीना और मेहनत है। अनेक दलों और झंडों को एक साथ लाने के बावजूद विपक्ष अपेक्षित भीड़ जुटाने में पूरी तरह असमर्थ रहा।