पूर्व-पूर्वोत्तर में सुरक्षा चुनौतियां, नशीली दवाओं की तस्करी और चुनावी तैयारियां
ड्रग्स तस्करी पर कार्रवाई
मणिपुर में सुरक्षा अभियान
2027 चुनाव की तैयारी जारी
भूपेन गोस्वामी
गुवाहाटीः मिजोरम, म्यांमार से लगने वाली 510 किमी लंबी खुली सीमा के कारण भारत में नशीली दवाओं की अवैध तस्करी का प्रमुख जरिया (गेटवे) बन गया है। हाल ही में चलाए गए दो दिवसीय अभियान में सुरक्षा बलों ने 846 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की हेरोइन और मेथामफेटामाइन जब्त की तथा 111 विदेशी नागरिकों सहित 930 लोगों को गिरफ्तार किया। यह तस्करी नेटवर्क भारत से प्रिकर्सर केमिकल म्यांमार की अवैध लैब में भेजने और वहां से तैयार ड्रग्स वापस भारत लाने में शामिल था। इसके अलावा, अवैध लेन-देन और हवाला नेटवर्क को अंजाम देने के लिए दर्जनों बैंक खातों (म्यूल अकाउंट्स) का उपयोग किया जा रहा था।
दूसरी ओर, मणिपुर में उद्रवियों और सुरक्षा बलों के बीच तनाव बना हुआ है। चुराचांदपुर जिले और राज्य के अन्य 5 जिलों में चलाए गए संयुक्त ऑपरेशनों के दौरान यूनाइटेड कुकी नेशनल आर्मी के 10 आतंकवादियों सहित कई वरिष्ठ कमांडरों को गिरफ्तार किया गया है। इनके पास से 86 से अधिक अत्याधुनिक हथियार, आईईडी और भारी मात्रा में गोला-बारूद जब्त किया गया है। वहीं, फुंगयार विधायक लीशियो कीशिंग ने असम राइफल्स पर 10 अक्टूबर को म्यांमार सीमा के पास निंगचौ गांव में हुए हमले को रोकने में विफल रहने का आरोप लगाया और इंडिया रिजर्व बटालियन को आधुनिक हथियारों से लैस करने की मांग की। नागालैंड के फेक जिले में भी डीपीडीबी की बैठक आयोजित कर स्थानीय विकास, अनुच्छेद 371ए और सीमावर्ती मुद्दों पर चर्चा की गई।
राजनीतिक परिदृश्य की बात करें तो भारत निर्वाचन आयोग ने मणिपुर और उत्तर प्रदेश सहित 16 राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची के विशेष सारांश पुनरीक्षण की घोषणा की है। इसके लिए 1 जनवरी 2027 को पात्रता तिथि तय की गई है। इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य वर्ष 2027 में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों से पहले नए व युवा मतदाताओं को जोड़ना तथा मतदाता सूची को पारदर्शी और अद्यतन बनाना है।