सुदूर पूर्व के इलाके में समाचार संकलन पर संदेह हो गया
इस इलाके में मौजूदगी संदिग्ध
एफएसबी ने नजरदारी की थी
गिरफ्तार को मॉस्को लाया गया
मॉस्कोः रूस की गुप्तचर एजेंसी एफएसबी ने जापानी समाचार पत्र होक्काइडो शिंबुन के एक पत्रकार को जासूसी के संदेह में गिरफ्तार कर लिया है। रूसी राज्य मीडिया ने सुरक्षा सेवा के हवाले से मंगलवार को इस आशय की जानकारी सार्वजनिक की।
प्राप्त रिपोर्टों के अनुसार, यह गिरफ्तारी जापान के ठीक उत्तर में स्थित रूस के सुदूर पूर्व क्षेत्र सखालिन द्वीप के आसपास के इलाके से की गई। गिरफ्तार पत्रकार को तुरंत राजधानी मास्को ले आया गया, जहाँ की एक स्थानीय अदालत ने सुनवाई करते हुए उसे दो महीने की प्री-ट्रायल हिरासत (पूर्व-सुनवाई हिरासत) में भेजने का कड़ा आदेश सुनाया है।
आरोपी पत्रकार पर यह आरोप लगाया गया है कि वह सखालिन प्रांत का ही हिस्सा माने जाने वाले पास के कुरिल द्वीप समूह के निवासियों की रूस-यूक्रेन युद्ध में भागीदारी को लेकर संवेदनशील सामरिक जानकारियां और सामग्री जुटा रहा था। गौरतलब है कि वर्ष 2022 से चल रहा यह सैन्य संघर्ष अब भी जारी है।
प्रशांत महासागर में स्थित कुरिल द्वीप समूह एक समृद्ध मत्स्य क्षेत्र है, जिसकी कुल आबादी बीस हजार से थोड़ी अधिक है। द्वितीय विश्व युद्ध के अंत में सोवियत संघ ने इस द्वीप समूह पर जापान से जबरन कब्जा कर लिया था। तभी से मास्को और टोक्यो के बीच सबसे दक्षिणी चार कुरिल द्वीपों के मालिकाना हक को लेकर तीखा क्षेत्रीय विवाद चला आ रहा है, और दोनों देशों के बीच आज तक कोई औपचारिक शांति संधि पर हस्ताक्षर नहीं हो सके हैं। इन कुरिल द्वीपों में से कुछ द्वीप जापानी द्वीप होक्काइडो से मात्र कुछ किलोमीटर की दूरी पर स्थित हैं और सामरिक दृष्टिकोण से रूस के लिए अत्यधिक सैन्य महत्व रखते हैं।
हाल ही में अगस्त के महीने में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन द्वारा कुरिल द्वीप समूह के इतुरुप द्वीप का आधिकारिक दौरा किया गया था, जिससे इन दोनों पड़ोसी देशों के बीच कूटनीतिक संबंधों में भारी तनाव आ गया था। टोक्यो ने इस यात्रा पर कड़ा विरोध दर्ज कराया था और इन क्षेत्रों (जिन्हें जापान उत्तरी क्षेत्र कहता है) को मूल रूप से जापानी क्षेत्र करार दिया था।
उल्लेखनीय है कि रूस ने इससे पहले भी कई मौकों पर विदेशी नागरिकों को जासूसी के गंभीर आरोपों में हिरासत में लिया है और बाद में विदेश में बंद अपने रूसी नागरिकों की रिहाई के बदले उनका विनिमय किया है।