चालीस साल पुराने युद्ध की चर्चा फिर होने लगी है
दो कंपनियां वहां काम कर रही है
अंतर्राष्ट्रीय प्राधिकार में मामला दायर
युद्ध में ब्रिटिश सेना ही विजयी हुई थी
एजेंसियां
फॉकलैंडः अर्जेंटीना की सरकार ने ब्रिटेन के साथ बढ़ते विवाद के बीच फॉकलैंड द्वीप समूह के उत्तर में स्थित तेल और गैस क्षेत्रों में खोज एवं खनन गतिविधियों को रोकने के लिए कानूनी कार्यवाही शुरू की है। ब्यूनस आयर्स (अर्जेंटीना की राजधानी) ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि इंटरनेशनल ट्रिब्यूनल फॉर द लॉ ऑफ द सी में दायर की गई यह याचिका ब्रिटेन द्वारा गैर-कानूनी रूप से दी गई स्वीकृतियों और गतिविधियों को रोकने के उद्देश्य से लाई गई है।
यह कानूनी दावा अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर माइली द्वारा सी लायन तेल क्षेत्र परियोजना को रद्द करने की मांग के ठीक पखवाड़े भर बाद आया है। यह परियोजना इज़राइली और ब्रिटिश कंपनियों का एक संयुक्त उद्यम है। वहीं, ब्रिटेन के विदेश कार्यालय की मंत्री उमा कुमारन ने फॉकलैंड में काम कर रही कंपनियों के खिलाफ अर्जेंटीना के बढ़ते अभियानों की सख्त आलोचना की और उनके संरक्षण के लिए नए सुरक्षा उपायों की घोषणा की।
इस घटनाक्रम ने ब्रिटेन और स्वशासी ब्रिटिश क्षेत्र (जिसे अर्जेंटीना में लास मालविनास कहा जाता है) के बीच संप्रभुता को लेकर तनाव को एक बार फिर चरम पर पहुँचा दिया है। यह विवाद उस ऐतिहासिक घटना के 40 से अधिक वर्षों बाद दोबारा गहराया है, जब ब्रिटिश सैन्य टास्क फोर्स ने इस द्वीप पर कब्जा करने वाली अर्जेंटीना की सेना को खदेड़ दिया था। पिछले महीने के अंत में राष्ट्रपति माइली ने फॉकलैंड द्वीप के करीब तेल खनन में जुटी कंपनियों पर आर्थिक प्रतिबंध लगाने की धमकी भी दी थी। उमा कुमारन ने अर्जेंटीना सरकार पर फॉकलैंड द्वीप के निवासियों के खिलाफ आर्थिक दबाव बनाने का आरोप लगाते हुए मंगलवार को हाउस ऑफ कॉमन्स में स्पष्ट किया, हम उनके समर्थन में जो भी आवश्यक होगा, वह कदम उठाएंगे।
फॉकलैंड द्वीप से लगभग 130 मील (209 किलोमीटर) दूर स्थित सी लायन तेल क्षेत्र में अनुमानित 1.7 अरब बैरल तेल का विशाल भंडार मौजूद है। फॉकलैंड द्वीप सरकार ने हाल ही में इसके खोज लाइसेंसों की अवधि बढ़ाई है, और वर्ष 2028 से इस क्षेत्र से तेल निष्कर्षण शुरू होने की संभावना है। इससे द्वीप के लगभग 3,500 निवासियों के लिए भारी राजस्व उत्पन्न हो सकता है। दो प्रमुख तेल कंपनियों—ब्रिटेन की रॉकहॉपर एक्सप्लोरेशन और इज़राइल की नावितस पेट्रोलियम—ने स्पष्ट किया है कि उनके पास ब्रिटेन द्वारा जारी किए गए पूरी तरह से वैध लाइसेंस मौजूद हैं।
इसके विपरीत, अर्जेंटीना सरकार का तर्क है कि विवादित समुद्री क्षेत्रों का समुद्री पर्यावरण अंतर्राष्ट्रीय कानून के तहत संरक्षित है। अर्जेंटीना की याचिका का उद्देश्य अपने महाद्वीपीय शेल्फ पर संप्रभु अधिकारों की रक्षा करना और ब्रिटेन द्वारा एकतरफा एवं अवैध रूप से अधिकृत गतिविधियों पर रोक लगाना है। अर्जेंटीना के विदेश मंत्री पाब्लो क्विर्नो ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर साझा किया कि सरकार ट्रिब्यूनल से ब्रिटेन के खिलाफ नए खोज परमिटों पर तुरंत रोक लगाने सहित कई कड़े आदेश जारी करने की मांग कर रही है।