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बहुचर्चित ब्लू ड्रम मर्डर केस में अदालत का फैसला आया

मुस्कान और उसके प्रेमी को मृत्युदंड की सजा

पति की लाश को ठिकाने लगाया था

हत्या के बाद हिमाचल भाग गये दोनों

बेटी की जानकारी पर लाश बरामद हुआ

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः मेरठ की एक स्थानीय अदालत ने मर्चेंट नेवी अधिकारी सौरभ राजपूत की पिछले साल हुई हत्या के मामले में उनकी पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। मुस्कान और साहिल को दो सप्ताह पहले दोषी करार दिया गया था, जिसके बाद बुधवार को सजा का एलान किया गया। इस हत्या के मामले में कंक्रीट से भरा एक नीला प्लास्टिक ड्रम मुख्य प्रतीक और सबसे महत्वपूर्ण सबूत बना।

126 सुनवाइयों और 22 गवाहों के बयानों के बाद जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा ने फैसला सुनाते हुए कहा कि रस्तोगी और शुक्ला ने सौरभ राजपूत की हत्या की साजिश रची और उनके क्षत-विक्षत शव को कंक्रीट तथा रेत का उपयोग करके एक नीले औद्योगिक ड्रम के अंदर छिपा दिया। जज ने टिप्पणी की कि इस तरह के अपराध बड़े पैमाने पर समाज में खौफ और डर पैदा करते हैं। सुबह सुनवाई के दौरान मुस्कान रस्तोगी के माता-पिता ने अदालत को बताया कि सौरभ राजपूत एक बहुत अच्छे इंसान थे, और यदि दोषियों को मौत की सजा दी जाती है, तो हम इसका कोई विरोध नहीं करेंगे। मुस्कान के परिवार का कोई भी सदस्य जेल में उससे मिलने कभी नहीं गया।

पुलिस मामले के अनुसार, 3 मार्च 2025 को मुस्कान रस्तोगी ने अपने इंद्र नगर स्थित घर पर अपने पति सौरभ राजपूत के भोजन में नशीला पदार्थ मिलाकर उन्हें बेहोश कर दिया था। इसके तुरंत बाद उसका प्रेमी साहिल शुक्ला वहां पहुंचा और दोनों ने मिलकर राजपूत की चाकू घोंपकर हत्या कर दी। अभियोजन पक्ष के अनुसार, इसके बाद उन्होंने बाथरूम में शव के टुकड़े-टुकड़े कर दिए। बदबू और सड़न को दबाने के लिए, उन्होंने शरीर के अंगों को एक बड़े नीले प्लास्टिक ड्रम में पैक किया, उसमें रेत, पानी और सीमेंट का ताजा मिश्रण भरा तथा उसे पूरी तरह से सील कर दिया।

जांच से पता चला कि हत्यारा जोड़ा अगले ही दिन हिमाचल प्रदेश भाग गया। मुस्कान रस्तोगी ने राजपूत के मोबाइल फोन का इस्तेमाल उनके परिवार के सदस्यों को टेक्स्ट मैसेज भेजने के लिए किया, जिससे यह भ्रम बना रहे कि वह जीवित हैं और काम के सिलसिले में यात्रा कर रहे हैं। 17 मार्च 2025 को, संदेह होने पर रिश्तेदारों ने स्थानीय अधिकारियों के साथ घर का दौरा किया।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, सौरभ और मुस्कान की छह साल की बेटी ने पड़ोसियों से कहा था, पापा ड्रम में हैं। पुलिस ने जब घर के अंदर सीलबंद नीले ड्रम को काटकर खोला, तो उसमें से राजपूत के अवशेष बरामद हुए। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों का पीछा किया और दो दिन बाद रस्तोगी और शुक्ला को गिरफ्तार कर लिया।

अभियोजन पक्ष ने पूरे मुकदमे के दौरान परिस्थितियों, तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों की एक अटूट श्रृंखला प्रस्तुत की। स्थानीय दुकानदारों ने गवाही दी कि उन्होंने हत्या से पहले रस्तोगी और शुक्ला को विशिष्ट नीला प्लास्टिक ड्रम, सीमेंट की बोरियां, रेत, चापड़ और रेजर बेचे थे। कॉल डिटेल रिकॉर्ड और मोबाइल टावर लोकेशन ने साहिल शुक्ला की मौजूदगी अपराध के समय घर पर दिखाई, और दोनों की एक साथ हिमाचल के शिमला और मनाली के होटलों में रुकने की पुष्टि की। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से भी यह साबित हुआ कि सौरभ की चाकू घोंपकर हत्या की गई थी।