चालीस हजार सुरक्षाकर्मियों की तैनाती पर बोले जनसुराज विधायक
सरकार भयभीत है, यह साफ हो गया
चुनाव आयोग पर भरोसा खत्म हो गया
सरकार के पक्ष में लेती है सारे फैसले
राष्ट्रीय खबर
पटनाः जन सुराज पार्टी के संस्थापक और बांकीपुर से विधायक प्रशांत किशोर ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करने वाले विपक्ष का समर्थन करते हुए कहा है कि शनिवार को राष्ट्रीय राजधानी में हुए विरोध प्रदर्शन को रोकने के लिए 40,000 अर्धसैनिक बलों की तैनाती इस बात का पुख्ता सबूत है कि वह प्रदर्शन सफल रहा था।
उन्होंने कहा कि पिछले 8-10 वर्षों में भारत के चुनाव आयोग की विश्वसनीयता काफी कम हुई है। मुख्य चुनाव आयुक्त कुमार के खिलाफ हुए प्रदर्शन को लेकर मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए किशोर ने कहा, कई लोग यह देख रहे हैं कि प्रदर्शन में कितने लोग शामिल हुए थे, लेकिन सरकार को इसे रोकने के लिए 40,000 अर्धसैनिक बलों को तैनात करना पड़ा, यही बात दर्शाती है कि यह कितना ताकतवर था।
उन्होंने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण के खिलाफ हुए ये विरोध प्रदर्शन चुनाव आयोग में लोगों के घटते भरोसे का परिणाम हैं। प्रशांत किशोर ने कहा, पिछले आठ से दस वर्षों में चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठे हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त कुमार को इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने इस बात का भी जिक्र किया कि कैसे चुनाव आयोग ने 2025 के विधानसभा चुनावों के दौरान बिहार सरकार को जीविका दीदियों को 10,000-10,000 रुपये बांटने से नहीं रोका था।
जेएसपी संस्थापक ने शनिवार को बिहार में हुई एनडीए की एक बैठक पर भी निशाना साधा और इसे सत्ताधारी गठबंधन की बढ़ती असुरक्षा का संकेत बताया। किशोर ने कहा, जिस तरह बांकीपुर में (अगस्त के उपचुनाव से पहले) 480 नेताओं की बैठक से उनकी घबराहट साफ झलक रही थी, वैसी ही घबराहट अब एमएलसी चुनावों को लेकर भी है। एनडीए चाहे विधानसभा या विधान परिषद के सदस्यों की बैठक बुला ले, लेकिन बिहार के शिक्षित शिक्षक और स्नातक मतदाताओं ने सत्ताधारी गठबंधन के उम्मीदवारों को हराने का मन बना लिया है।
खास बात यह है कि जेडीयू विधायक अनंत कुमार सिंह ने आगामी 23 अक्टूबर को होने वाले एमएलसी चुनाव में अपनी ही पार्टी के उम्मीदवार नीरज कुमार के खिलाफ, जेएसपी समर्थित पटना स्नातक सीट के उम्मीदवार अनुज सिंह को खुला समर्थन दिया है। गौरतलब है कि पिछले साल अगस्त में प्रशांत किशोर ने एक ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए बीजेपी के गढ़ बांकीपुर उपचुनाव में 19,000 से अधिक वोटों के अंतर से जीत हासिल की थी। यह सीट लगातार पांच बार से भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के पास रही थी।