बेंगलुरु के सीजेपी के प्रदर्शन में शामिल हुए ध्रुव राठी
ऐतिहासिक फ्रीडम पार्क में हुआ आयोजन
पूरी एसआईआर प्रक्रिया ही संदिग्ध हैं
घोषणा के मुताबिक चप्पल प्रदर्शन भी
राष्ट्रीय खबर
बेंगलुरुः बेंगलुरु के ऐतिहासिक फ्रीडम पार्क में कॉकक्रोच जनता पार्टी (सीजेपी) और विभिन्न नागरिक समूहों के बैनर तले मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभ्यास के खिलाफ एक विशाल और उग्र विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया गया। इस प्रदर्शन में देश के कई जाने-माने युवा चेहरे, अभिनेता और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए, जिन्होंने मौजूदा चुनावी प्रक्रिया और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए।
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए प्रसिद्ध अभिनेता और सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश राज ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने खुला आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार निष्पक्ष रूप से काम करने के बजाय केंद्र की मौजूदा सरकार, विशेषकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के राजनीतिक इशारों पर काम कर रहे हैं। प्रकाश राज ने चल रही मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया के तौर-तरीकों को पूरी तरह से संदिग्ध बताते हुए इसे तत्काल प्रभाव से रद्द करने की पुरजोर मांग की। उन्होंने देशवासियों से अपील की कि वे इस मुहिम से जुड़कर संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए आगे आएं, क्योंकि यह लड़ाई किसी एक व्यक्ति या दल की नहीं बल्कि पूरे देश के लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई है।
इस विरोध प्रदर्शन में यूट्यूबर और डिजिटल इन्फ्लुएंसर ध्रुव राठी, छात्र नेता आइशी घोष और सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने भी अपनी सक्रिय उपस्थिति दर्ज कराई। फ्रीडम पार्क में सैकड़ों की संख्या में मौजूद प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और ज्ञानेश कुमार, इस्तीफा दो जैसे नारों के साथ उनके पद छोड़ने की मांग की। विरोध प्रदर्शन के दौरान एक अनूठा और प्रतीकात्मक चप्पल विरोध भी देखने को मिला। सीजेपी के सह-संयोजक आशुतोष रांका ने जानकारी दी कि यह विशेष चप्पल विरोध प्रदर्शन समाज की महिलाओं के साथ एकजुटता प्रदर्शित करने और उनके अधिकारों की सुरक्षा के लिए आयोजित किया गया है।
इसके साथ ही, सीजेपी ने कर्नाटक भर से उन नागरिकों की शिकायतों को सुनने और दर्ज करने के लिए एक विशेष ट्रिब्यूनल जैसा मंच तैयार किया है, जिनका यह दावा है कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान उनके नाम मतदाता सूची से गलत तरीके से हटा दिए गए हैं। आशुतोष रांका ने स्पष्ट किया कि यह समूह उन सभी प्रभावित कन्नड़ नागरिकों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत करेगा और उनके मामलों का दस्तावेजीकरण करेगा।
इससे पहले, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो जारी कर यूट्यूबर ध्रुव राठी ने भी इस आंदोलन में अपनी सहभागिता की आधिकारिक पुष्टि की थी और नागरिकों से लोकतंत्र की रक्षा के इस संघर्ष में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने का आह्वान किया था। विरोध प्रदर्शन के आयोजकों का मानना है कि यह अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक चुनाव आयोग पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं करता।