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यमन की सेना ने हूती विद्रोहियों पर हमला तेज किया

लाल सागर के समुद्री मार्ग को खोलने की योजना पर काम

सानाः वैश्विक व्यापार के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग, बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य के पास यमनी सरकारी बलों ने सोमवार को महत्वपूर्ण रणनीतिक ठिकानों पर फिर से कब्जा करने का दावा किया है। ईरान समर्थित हूती आंदोलन द्वारा हाल ही में हासिल की गई बढ़त को पलटने के लिए यमनी बलों ने एक नया और आक्रामक अभियान शुरू कर दिया है।

यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब रियाद में अमेरिकी दूतावास ने सोमवार को अमेरिकी नागरिकों को देश पर संभावित ड्रोन और मिसाइल हमलों के प्रति आगाह किया है, जबकि सऊदी अरब ने नागरिकों, आर्थिक प्रतिष्ठानों और समुद्री यातायात को निशाना बनाने वाले बढ़ते हूती हमलों की कड़ी निंदा की है।

यमनी सैन्य प्रवक्ता मजीद अल-नुजाइली ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी दी कि सरकारी बलों ने बाब अल-मंदेब पर नियंत्रण हासिल करने में सफलता प्राप्त कर ली है और धूबब जिले तथा मोचा बंदरगाह शहर को जोड़ने वाली मुख्य सड़क को हूती नियंत्रण से वापस ले लिया है।

सऊदी अरब के समर्थन से लड़ रहे यमनी सरकारी बलों ने हूती-नियंत्रित राजधानी सना के खिलाफ भी एक रणनीतिक आक्रामक अभियान शुरू कर दिया है। यदि यह अभियान सफल होता है, तो यह बाब अल-मंदेब पर हूती विद्रोहियों की पकड़ को कमजोर कर सकता है, जहां उनके हमलों ने तेल और शिपिंग मार्गों को भारी संकट में डाल दिया है।

लाल सागर अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए एक महत्वपूर्ण विकल्प बन गया है। दूसरी ओर, हूतियों द्वारा संचालित सबा समाचार एजेंसी ने यमनी सैनिकों और सऊदी नीत गठबंधन बलों की किसी भी प्रकार की प्रगति से इनकार किया है और इन दावों को मनगढ़ंत बताया है।

इसके अलावा, सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान ने सुरक्षा खतरों से निपटने के लिए मक्का संयुक्त रक्षा समझौते के तहत सामूहिक रक्षा उपायों को लागू करने पर सहमति व्यक्त की है। इस बीच, संयुक्त राष्ट्र और विश्व खाद्य कार्यक्रम ने चेतावनी दी है कि इस नए संघर्ष से यमन में मानवीय संकट और अधिक गंभीर हो सकता है, जहाँ पहले से ही लाखों परिवार भुखमरी के कगार पर हैं।