Breaking News in Hindi

गुवाहाटी से सिलिगुड़ी तक का हाईवे कॉरिडोर

बंगाल और पूर्वोत्तर के बीच परिवहन व्यवस्था पर गडकरी का फोकस

यह करीब 630 किलोमीटर लंबा होगा

चिकन नेक को मजबूती देना फोकस

योजना पर 61,500 करोड़ का खर्च

भूपेन गोस्वामी

गुवाहाटीः केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर भारत के बीच परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना की घोषणा की है। सरकार जल्द ही पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी को असम के गुवाहाटी और मेघालय के शिलांग से जोड़ने वाले 630 किलोमीटर लंबे हाईवे कॉरिडोर पर काम शुरू करेगी। इस विशाल परियोजना की अनुमानित लागत 61,500 करोड़ रुपये है।

इस नए मार्ग को पूर्वोत्तर क्षेत्र की जीवन रेखा बताते हुए गडकरी ने कहा कि यह परियोजना पूरे मार्ग पर सुगम और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए नए हरित क्षेत्रों (ग्रीनफील्ड्स) को मौजूदा उन्नत राजमार्गों के साथ एकीकृत करेगी। इसके पहले चरण के तहत, सिलीगुड़ी से गुवाहाटी तक के 400 किलोमीटर लंबे खंड पर लगभग 30,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा, जिसका संरेखण अभी अनुमोदन की प्रतीक्षा में है। इसके अलावा, मंत्रालय ने उत्तर प्रदेश के गोरखपुर और सिलीगुड़ी के बीच एक एक्सप्रेसवे लिंक पर भी कार्य शुरू कर दिया है। यह दोनों परियोजनाएं मिलकर उत्तर प्रदेश और उत्तर पूर्वी राज्यों के बीच एक उच्च गति वाला और निर्बाध सड़क संपर्क स्थापित करेंगी।

दार्जिलिंग के सांसद राजू बिष्ट ने इस ऐतिहासिक घोषणा का जोरदार स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण चिकन नेक क्षेत्र की पिछली सरकारों के कार्यकाल में लंबे समय तक अनदेखी की गई थी, लेकिन मौजूदा सरकार के दौर में बुनियादी ढांचे का कायापलट हो रहा है। यह पहल न केवल उत्तर बंगाल और पूर्वोत्तर क्षेत्र में आर्थिक विकास को गति देगी, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से भी अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध होगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे और इस नए कॉरिडोर के जुड़ने से देश के उत्तरी हिस्सों और पूर्वोत्तर राज्यों के बीच की दूरियां कम होंगी और व्यापारिक गतिविधियों को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।