संयुक्त राष्ट्र के मंच पर सूडान की सरकार ने स्पष्ट बात रखी
सानाः पूर्वी अफ्रीकी देश सूडान में लंबे समय से जारी गृहयुद्ध और राजनीतिक अस्थिरता के बीच देश की सरकार ने संयुक्त राष्ट्र के मंच पर एक बेहद कड़ा और स्पष्ट रुख अपनाया है। सूडानी प्रशासनिक प्रतिनिधियों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को यह चेतावनी दी है कि देश में शांति और स्थिरता की बहाली तभी संभव है जब सूडान के आंतरिक मामलों में चल रहे तमाम विदेशी हस्तक्षेपों को तत्काल प्रभाव से रोका जाए।
इसके साथ ही सरकार ने रैपिड सपोर्ट फोर्सेज जैसे विद्रोही संगठनों को पूरी तरह से निशस्त्र करने और उन्हें आतंकवादी या अवैध विद्रोही घोषित करने की अपनी मांग को पुरजोर तरीके से दोहराया है। इस खूनी संघर्ष के कारण सूडान के भीतर लाखों लोग अपने घरों को छोड़कर विस्थापित होने के लिए विवश हो चुके हैं, जिससे वहां दुनिया का सबसे बड़ा मानवीय संकट पैदा हो गया है।
संयुक्त राष्ट्र और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों ने कई बार युद्ध विराम की अपील की है, परंतु जमीनी स्तर पर विरोधी गुटों के बीच आपसी अविश्वास के कारण शांति समझौते बार-बार विफल हो रहे हैं। सूडान सरकार का यह नया कूटनीतिक बयान इस बात का संकेत है कि वह अपनी संप्रभुता के साथ कोई समझौता करने के मूड में नहीं है। क्षेत्रीय विश्लेषकों का मानना है कि जब तक बाहरी ताकतों द्वारा विद्रोही गुटों को मिलने वाली रसद और वित्तीय सहायता पर रोक नहीं लगाई जाती, तब तक इस अफ्रीकी राष्ट्र में स्थायी शांति की स्थापना एक असंभव चुनौती बनी रहेगी।