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इंडिया गठबंधन की अहम बैठक के बाद  संयुक्त संघर्ष का एलान

छह अक्टूबर को चुनाव आयोग के सामने प्रदर्शन

ममता ने कहा ज्ञानेश नहीं वैनिश कुमार

पूरे देश में एक जैसी गड़बड़ी दिख रही है

अचानक से वोट प्रतिशत में बढ़ोत्तरी

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः बुधवार को दिल्ली में इंडिया गठबंधन की एक अहम बैठक के बाद, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडगे ने आधिकारिक रूप से घोषणा की कि आगामी 6 अक्टूबर को विपक्षी दलों के सांसद चुनाव आयोग के मुख्यालय तक विरोध मार्च निकालेंगे। बैठक में शामिल रहीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव आयुक्त पर तीखा प्रहार करते हुए उन्हें वैनिश कुमार (गायब होने वाले कुमार) की संज्ञा दी।

उन्होंने आरोप लगाया कि एक दोषपूर्ण और सुनियोजित एसआईआर के जरिए वोटों की बड़े पैमाने पर हेराफेरी व चोरी की गई है और उन्होंने केंद्र सरकार पर पूरी तरह तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से चेतावनी देते हुए कहा कि यदि मुख्य चुनाव आयुक्त का इस्तीफा नहीं लिया गया, तो इस विरोध प्रदर्शन को और अधिक आक्रामक स्तर पर ले जाया जाएगा।

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने विपक्षी नेताओं को भारत के संविधान का सामूहिक रक्षक बताया और विश्वास जताया कि वे देश की राजनीतिक व्यवस्था में बड़े और सकारात्मक बदलाव लाएंगे। कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने राहुल गांधी के उस संकल्प का पुरजोर समर्थन किया, जिसके तहत सभी विपक्षी दल बिना किसी भेदभाव और पूरी एकजुटता के साथ इस लड़ाई को लड़ने के लिए तैयार हैं।

राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव ने बड़े पैमाने पर चुनावी धांधली के दावों को दोहराया और सत्ता तंत्र पर मुख्य चुनाव आयुक्त को बचाने के लिए नियमों में बदलाव करने का सनसनीखेज आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान जिस स्तर पर गड़बड़ियां हुई हैं और खुद दो चुनाव आयुक्तों ने जिस तरह से सवाल उठाए हैं, उन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता जितेंद्र आव्हाड ने मल्लिकार्जुन खडगे की उस मांग का समर्थन किया जिसमें इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों को पूरी तरह हटाकर फिर से पारंपरिक मतपत्रों (बैलेट पेपर) से चुनाव कराने की बात कही गई है। इसके समर्थन में उन्होंने महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों के दौरान मतदान के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि दोपहर 12 बजे तक मतदान प्रतिशत बहुत कम था, जो शाम ढलते-ढलते अचानक भारी उछाल के साथ असामान्य रूप से बढ़ गया। पार्टी का दावा है कि ऐसा ही संदिग्ध पैटर्न देश के कई अन्य राज्यों में भी देखने को मिला है।

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के महासचिव एम. ए. बेबी ने कहा कि वाम मोर्चा इस आंदोलन को एक व्यापक जन-आंदोलन का रूप देना चाहता है। बीजू जनता दल नेता प्रसन्ना आचार्य ने कहा कि पार्टी के अध्यक्ष नवीन पटनायक ने पहले दिन से यह साफ कर दिया है कि वे मुख्य चुनाव आयुक्त को उनके पद से हटाए जाने के पक्ष में हैं, क्योंकि चुनाव आयोग के वर्तमान कामकाज का तरीका लोकतांत्रिक मानदंडों और परंपराओं के पूरी तरह खिलाफ है।