नंदीग्राम के भाजपा प्रत्याशी के खिलाफ कांग्रेस की याचिका
चंद्रनाथ रथ की माता है वह प्रत्याशी
स्कूली शिक्षा के आंकड़ों में गड़बड़ी
हाईकोर्ट में याचिका दायर हुई है
राष्ट्रीय खबर
कोलकाताः नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव में बीजेपी उम्मीदवार हासिम रानी रथ के चुनाव हलफनामे में गंभीर तथ्यात्मक अशुद्धियों का आरोप लगाते हुए कांग्रेस कलकत्ता हाईकोर्ट पहुंच गई है। हासिम रानी रथ पश्चिम बंगाल के भाजपा नेता शुभैंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी रहे दिवंगत चंद्रनाथ रथ की माता हैं। पिछले साल मई में चंद्रनाथ रथ की हत्या हो गई थी, जिसके बाद भाजपा ने उनकी मां हासिम रानी को 15 सितंबर को नंदीग्राम उपचुनाव के लिए अपना उम्मीदवार घोषित किया।
कांग्रेस के वकील रिजु घोषाल ने न्यायमूर्ति कृष्ण राव की एकल पीठ के समक्ष इस मामले का उल्लेख करते हुए बताया कि हासिम रानी रथ के चुनाव हलफनामे में उनके जन्म वर्ष और माध्यमिक या दसवीं कक्षा की परीक्षा उत्तीर्ण करने के वर्ष में भारी विरोधाभास है। कांग्रेस का दावा है कि हलफनामे में हासिम रानी का जन्म वर्ष लगभग 1966 बताया गया है, जबकि उसी हलफनामे में कहा गया है कि उन्होंने 1965 में चौखाल गंगा पद्म मिलन कन्या विद्यालय से दसवीं कक्षा की परीक्षा पास की थी। इस जानकारी के आधार पर कांग्रेस का मुख्य सवाल यह है कि यदि उनका जन्म 1966 में हुआ, तो वह उससे एक साल पहले यानी 1965 में दसवीं कक्षा की छात्रा या परीक्षार्थी कैसे हो सकती हैं? कांग्रेस ने इस विसंगति की विस्तृत जांच की मांग करते हुए अदालत में मामला दर्ज करने की अनुमति मांगी, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया है।
केवल जन्म वर्ष और दसवीं पास करने के साल पर ही नहीं, बल्कि संबंधित स्कूल के इतिहास को लेकर भी कांग्रेस ने सवाल खड़े किए हैं। उनका दावा है कि चौखाल गंगा पद्म मिलन कन्या विद्यालय की स्थापना 1963 में हुई थी, लेकिन उस समय वहां केवल पांचवीं कक्षा तक की ही पढ़ाई की व्यवस्था थी। बाद में 1973 में इस स्कूल को दसवीं कक्षा तक पढ़ाने की सरकारी मान्यता मिली। इसलिए 1965 में उस स्कूल से माध्यमिक पास करने का दावा पूरी तरह से गलत बताया जा रहा है।
वकील रिजु घोषाल ने कहा कि उम्मीदवार का हलफनामा स्वीकार करते समय चुनाव आयोग को और अधिक सतर्क रहना चाहिए था। दूसरी ओर, इस आरोप पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा उम्मीदवार हासिम रानी रथ ने कहा कि वह इस मामले से अवगत हैं और कानून में उनका पूरा भरोसा है। अदालत जो भी फैसला लेगी, वह उसे स्वीकार करेंगी। गौरतलब है कि नंदीग्राम और रेजीनगर— इन दोनों विधानसभा सीटों पर आगामी 6 अक्टूबर को उपचुनाव होना है और वोटों की गिनती 9 अक्टूबर को की जाएगी।