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बोरिस जॉनसन और पूर्व सीआईए प्रमुख बाल बाल बच गये

पोलैंड सीमा के करीब ट्रेन पर रूसी ड्रोन हमला

कीव: यूक्रेनी रेलवे अधिकारियों के अनुसार, पोलैंड-यूक्रेन सीमा के पास एक ट्रेन इंजन को निशाना बनाकर किए गए भीषण रूसी ड्रोन हमले में ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन और सीआईए के पूर्व प्रमुख को ले जा रही वीआईपी ट्रेन को जानबूझकर निशाना बनाए जाने की गंभीर आशंका जताई गई है। इस सनसनीखेज घटना ने अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा ने इस खतरनाक और दुस्साहसिक हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे सीधे तौर पर पुतिन के आतंक का यूरोपीय संघ और नाटो के दरवाजों पर सीधा दस्तक देना करार दिया है।
यूक्रेन भर में रात भर चले इन अंधाधुंध और भीषण हमलों में 450 से अधिक रूसी ड्रोन और घातक मिसाइलों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया गया, जिसके परिणामस्वरूप कम से कम छह निर्दोष नागरिकों की दर्दनाक मौत हो गई और 40 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हालांकि, यूक्रेन की वायु सेना ने अपनी रक्षात्मक कार्रवाई का आधिकारिक बयान जारी करते हुए जानकारी दी कि उसने देश की हवाई सुरक्षा प्रणाली का उपयोग करते हुए कुल 405 आक्रामक ड्रोन और चार क्रूज़ मिसाइलों को हवा में ही सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया। इसके बावजूद, पश्चिमी यूक्रेन का यह सामरिक क्षेत्र, जो आमतौर पर राजधानी कीव या पूर्वी अग्रिम मोर्चे के सक्रिय युद्ध क्षेत्रों की तुलना में काफी शांत और सुरक्षित माना जाता था, इस बार सबसे बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
इस हाई-प्रोफाइल घटना ने एक बार फिर वैश्विक समुदाय और अंतरराष्ट्रीय बिरादरी को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि रूस-यूक्रेन युद्ध की विभीषिका अब यूरोपीय सीमाओं के कितने खतरनाक रूप से करीब आ चुकी है और दुनिया भर के बड़े दिग्गज नेताओं की सुरक्षा भी कितनी अधर में लटक सकती है। पश्चिमी यूक्रेन के इस संवेदनशील हिस्से में इतने बड़े पैमाने पर हवाई हमले होना इस बात का अकाट्य प्रमाण है कि रूस अपनी आक्रामक और बदलती सामरिक रणनीति के तहत अब उन इलाकों को भी निशाना बना रहा है जिन्हें अब तक युद्ध के लिहाज से अपेक्षाकृत सुरक्षित माना जाता था। इस पूरे घटनाक्रम ने नाटो और यूरोपीय संघ के सदस्य देशों की रक्षा और सुरक्षा चिंताओं को कई गुना बढ़ा दिया है, क्योंकि हमले का यह दायरा अब सीधे तौर पर उनके पड़ोसी भौगोलिक क्षेत्र और कूटनीतिक सीमाओं तक पहुंच चुका है।