शादी के छह माह बाद ही पत्नी के बेरहम पत्या
सर को काटकर फ्रीज में रखा था
लाश के टुकड़े कुत्तों को खिलाने की योजना
साजिशकर्ता रामानुज गोस्वामी की मौत
भूपेन गोस्वामी
गुवाहाटी: असम के गुवाहाटी में सितंबर 2026 की शुरुआत में मानवता को शर्मसार कर देने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया, जिसने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया। हाटीगांव इलाके के एक किराए के फ्लैट में शादी के महज छह महीने बाद ही एक कैब चालक रामानुज गोस्वामी ने अपनी 25 वर्षीय पत्नी रिया तालुकदार की बेहद बेरहमी से हत्या कर दी।
हत्या के पीछे पति का यह शक था कि उसकी पत्नी का किसी अन्य व्यक्ति के साथ अवैध संबंध है। आपसी विवाद और झगड़े के बाद आरोपी ने क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए न केवल रिया का सिर धड़ से अलग कर दिया, बल्कि उसे एक ब्लैक पॉलिथीन में लपेटकर फ्रिज के अंदर छिपा दिया। इसके अलावा, उसने मृतका के हाथों की उंगलियां भी काट दी थीं।
घटना का खुलासा तब हुआ जब फ्लैट से तेज दुर्गंध आने पर सतर्क पड़ोसियों ने स्थानीय पुलिस को इसकी सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जब दरवाजे का ताला तोड़ा, तो अंदर से रिया का क्षत-विक्षत धड़ बरामद हुआ। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी रामानुज ने उसी कमरे में बैठकर खाना खाया था और शव के टुकड़े-टुकड़े कर उन्हें कुत्तों को खिलाने की एक खतरनाक योजना बनाई थी, लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले वह फरार हो गया था।
हालांकि, चौतरफा दबाव के चलते आरोपी ने बाद में खुद पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया था, जिसके बाद उसे अदालत के आदेश पर 7 दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया था। मीडिया के सामने भी आरोपी के चेहरे पर अपनी इस घृणित करतूत को लेकर कोई पछतावा नजर नहीं आया था।
इस हाई-प्रोफाइल और खौफनाक मामले में एक और नया मोड़ तब आया जब 14 सितंबर 2026 की तड़के पुलिस हिरासत के दौरान आरोपी रामानुज गोस्वामी की भी संदिग्घ परिस्थितियों में मौत हो गई। पुलिस के आधिकारिक बयान के अनुसार, तड़के करीब 2 से 3 बजे के बीच जब आरोपी को ब्लड टेस्ट और मेडिकल जांच के लिए गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (जीएमसीएच) ले जाया जा रहा था, तब नरकासुर पहाड़ियों के पास पुलिस वाहन का टायर पंक्चर हो गया। पुलिस का दावा है कि इसी दौरान हथकड़ी पहने होने के बावजूद रामानुज ने सुरक्षा में तैनात कांस्टेबल को लात मारी और चलती गाड़ी से पहाड़ी की तरफ छलांग लगा दी। गहरी खाई में गिरने के कारण उसे गंभीर और जानलेवा चोटें आईं, जिससे उसकी मौत हो गई।
इस घटना के सामने आते ही मृत आरोपी के परिवार और पुलिस के बयानों में भारी विरोधाभास देखने को मिला। रामानुज के पिता तरुण गोस्वामी ने पुलिस की थ्योरी को सिरे से खारिज करते हुए इसे फर्जी एनकाउंटर करार दिया। पिता का कहना था कि उनका बेटा खुद सरेंडर कर चुका था, इसलिए वह भागने की कोशिश नहीं कर सकता था। परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि स्थानीय थाना प्रभारी ने उन्हें शुरुआत में यह बताया था कि रामानुज की मौत अस्पताल की छत से गिरने के कारण हुई है, जबकि पुलिस बाद में गाड़ी से कूदने की बात कह रही है। हालांकि, कड़े विरोध और असमंजस के बाद परिवार ने शव को स्वीकार कर लिया, लेकिन पुलिस हिरासत में हुई इस मौत ने कानून व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।