तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने मीडिया को जानकारी दी
इतनी अधिक धनराशि वहां क्यों पड़ी है
इस रकम का असली मालिक कौन है
विजिलेंस की जांच में खुलासा हुआ है
राष्ट्रीय खबर
हैदराबाद: तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने एक सनसनीखेज खुलासा करते हुए आरोप लगाया कि पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) के एक बेहद करीबी सहयोगी से जुड़ी एक यूनिवर्सिटी के बैंक खाते में 400 करोड़ रुपये से अधिक की भारी-भरकम राशि जमा है। उन्होंने इस बात पर गंभीर सवाल उठाए कि आखिर इतनी बड़ी धनराशि का मुख्य स्रोत क्या है और इसके पीछे किसका हाथ है।
मुख्यमंत्री ने पिछली बीआरएस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि उसने कॉलेजों के खिलाफ विजिलेंस जांच का इस्तेमाल केवल कॉलेज प्रबंधन पर अनुचित दबाव बनाने और अपनी राजनीतिक स्वार्थ सिद्धि के लिए राजनीतिक दलबदल को प्रोत्साहित करने के हथियार के रूप में किया था।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने अपने चहेते और पसंदीदा कॉलेजों की फीस में चुनिंदा तरीके से बढ़ोतरी की, जबकि अन्य शैक्षणिक संस्थानों की फीस को जानबूझकर जस का तस बनाए रखा। मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने दो टूक शब्दों में कहा कि जब पिछली सरकार के कार्यकाल के दौरान 10 वर्षों तक फीस प्रतिपूर्ति के बकाए भुगतान को रोककर रखा गया था, तब इन कॉलेज प्रबंधनों ने पूरी तरह चुप्पी साध रखी थी, लेकिन अब वे उनकी सरकार पर बेवजह दबाव बनाने की असफल कोशिश कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य में फीस प्रतिपूर्ति की सुविधा केवल और केवल पात्र व वास्तविक कॉलेजों को ही प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि संस्थानों को सरकारी फंड सुरक्षित रखने के लिए केंद्र सरकार के सभी दिशा-निर्देशों और नियमों का कड़ाई से पालन करना अनिवार्य होगा। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि यह वित्तीय सहायता और प्रतिपूर्ति सीधे तौर पर जरूरतमंद छात्रों के कल्याण के लिए है, न कि कॉलेज प्रबंधनों की तिजोरी भरने के लिए।
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए सीएम रेवंत रेड्डी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट आदेशों के बावजूद कुछ चुनिंदा कॉलेजों में सरकारी अधिकारियों को निरीक्षण के लिए प्रवेश तक नहीं दिया गया। उन्होंने घोषणा की कि राज्य सरकार केवल उन्हीं शैक्षणिक संस्थानों को फीस प्रतिपूर्ति की राशि जारी करेगी, जिन्हें विजिलेंस और प्रवर्तन (एनफोर्समेंट) जांच में क्लीन चिट मिल जाएगी।