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देश में बैरियर मुक्त टोल का इंतजामः नितिन गडकरी

अगले साल के मार्च तक पूरे देश में लागू होगी नई व्यवस्था

ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 में बोले

तकनीकी कुशलता और बेहतर होगी

यातायात को सुगम बनाने पर जोर

राष्ट्रीय खबर

नई दिल्ली: सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने घोषणा की है कि टोल क्रॉसिंग पर वाहनों का शून्य प्रतीक्षा समय सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सरकार अगले साल मार्च तक देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मल्टी-लेन फ्री फ्लो यानी बैरियर-मुक्त इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह प्रणाली को पूरी तरह से लागू करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। इस अत्याधुनिक प्रणाली के शुरू होने से टोल राजस्व में भारी सुधार होने की उम्मीद है, जिससे सालाना अतिरिक्त 10,000 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो सकता है।

मुंबई में आयोजित ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 के दौरान भारत का इंटेलिजेंट हाईवे: टोलिंग एंड द एजेंटिक फ्यूचर ऑफ मोबिलिटी फाइनेंस विषय पर अपने विचार रखते हुए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने यह बात कही। उन्होंने रेखांकित किया कि यह बैरियर-मुक्त टोल संग्रह प्रणाली न केवल यातायात को सुगम बनाएगी, बल्कि परिचालन और रखरखाव की लागत को भी काफी हद तक कम करने में मददगार साबित होगी।

नितिन गडकरी ने कहा, शून्यो ठहराव हमारा मुख्य लक्ष्य है। हम पूरी तरह से डिजिटल और बैरियर-मुक्त टोल संग्रह व्यवस्था की ओर बढ़ रहे हैं, जिसके लिए हम फास्टैग और एएनपीआर (स्वचालित नंबर प्लेट पहचान) कैमरों जैसी तकनीकों का उपयोग कर रहे हैं। हमारा लक्ष्य है कि अगले एक साल के भीतर देश के सभी टोल प्लाजा एमएलएफएफ प्रणाली के दायरे में आ जाएं। इस साल दिसंबर तक 60 से 70 प्रतिशत एमएलएफएफ प्रणाली चालू हो जाएगी। अगले दो-तीन महीनों के भीतर अधिकांश स्थानों पर बैरियर-मुक्त टोल प्रणाली काम करने लगेगी।

उन्होंने आगे बताया कि इस नई तकनीक के आ जाने से टोल बिंदु को पार करने में लगने वाला इंतजार घटकर 10 सेकंड से भी कम रह जाएगा। वर्तमान में टोल संचालन और रखरखाव की लागत कुल संग्रह का 12 से 15 प्रतिशत तक है, जो घटकर मात्र दो से चार प्रतिशत पर आ जाने की संभावना है। इससे सरकार और नागरिकों को लगभग 6,000 से 7,000 करोड़ रुपये का सीधा आर्थिक लाभ पहुंचेगा। वर्तमान में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) या अन्य रियायत प्राप्तकर्ताओं द्वारा लगभग 1,200 टोल प्लाजा संचालित और रखरखाव किए जा रहे हैं।

मंत्री ने कहा, हमारा मुख्य लक्ष्य यात्रा को सुगम, पारदर्शी और कुशल बनाना था। आज 98 प्रतिशत से अधिक की पैठ के साथ देश भर में कुल 13 करोड़ फास्टैग जारी किए जा चुके हैं। फास्टैग के जरिए टोल संग्रह में जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो वर्तमान में बढ़कर 82,500 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। उन्होंने याद दिलाया कि अतीत में जहां टोल प्लाजा पर वाहनों को 8 से 12 मिनट और कुछ स्थानों पर तो आधे घंटे तक इंतजार करना पड़ता था, वहीं अब तकनीक के उपयोग से स्थिति पूरी तरह बदल गई है। अंत में, गडकरी ने उद्योग के हितधारकों और शोधकर्ताओं से आग्रह किया कि वे इस तकनीक के भविष्य के उपयोगों का पता लगाने और परिवहन क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करने के लिए भविष्यवादी अनुसंधान को बढ़ावा दें।