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भारत रत्न वैज्ञानिक का नाम भी विवादों में फंसा

चुनाव आयोग के एसआईआर का नया कारनामा सामने आया

नाम में जरा सा अंतर पाया गया

चुनाव आयोग ने तुरंत सफाई जारी

नोटिस जारी वाली सूची में नाम दिखा

राष्ट्रीय खबर

बेंगलुरुः भारत रत्न से सम्मानित प्रसिद्ध वैज्ञानिक प्रोफेसर सी.एन.आर. राव को कर्नाटक में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान नाम में अंतर पाए जाने पर चुनाव आयोग द्वारा चिह्नित किया गया है। बेंगलुरु में जन्मे राव देश के सबसे प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों में से एक हैं। पुरानी मतदाता सूची में उनका नाम प्रो. सी.एन.आर. राव दर्ज था, जबकि नए मसौदे में यह प्रॉफ. सी.एन.आर. राव के रूप में उल्लेखित है। उनका नाम उन लोगों की सूची में शामिल है जिन्हें नोटिस जारी किए गए हैं, जो सीईओ कर्नाटक की वेबसाइट पर उपलब्ध है।

खबरों के सामने आने के बाद चुनाव आयोग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस प्रख्यात वैज्ञानिक या उनके परिवार के सदस्यों को कोई नोटिस नहीं दिया गया था। बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) ने उन्हें कोई नोटिस दिए बिना ही उनका नाम अगले महीने प्रकाशित होने वाली अंतिम मतदाता सूची में शामिल करने की सिफारिश की थी।

स्वयं-बेमेल तार्किक विसंगतियों के अंतर्गत आता है। यह तब हो सकता है जब कोई मतदाता, जो 2002 की मतदाता सूची में मौजूद है, संशोधन प्रक्रिया के दौरान सूची से अपने स्वयं के विवरण का उपयोग करता है, लेकिन विवरण पूरी तरह मेल नहीं खाते।

ऐसी तार्किक विसंगतियों में माता-पिता के नाम में अंतर, माता-पिता के साथ कम उम्र का अंतर और माता-पिता के बच्चों की संख्या छह से अधिक होना भी शामिल हो सकता है। भारतीय विज्ञान संस्थान के पास मल्लेश्वरम में निर्धारित सुनवाई के लिए वैज्ञानिक को बुलाया गया है। सॉलिड-स्टेट और मैटेरियल्स केमिस्ट्री में उनके योगदान के लिए उन्हें 2014 में भारत रत्न से सम्मानित किया गया था।

यह पहला मौका नहीं है जब किसी प्रतिष्ठित शख्सियत को एसआईआर को लेकर नोटिस मिला हो। इससे पहले पद्म श्री विजेता हरकला हाब्बा को भी ऐसी ही समस्याओं का सामना करना पड़ा था, लेकिन कुछ ही घंटों में उनका मामला सुलझ गया था।