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रूस के बाद यूक्रेन की राजधानी में भी कूटनीतिक वार्ता

प्रतीकवाद से भरपूर चर्चा के बाद भी मतभेद कायम

सहमति के कोई आसार नहीं बने हैं

पुतिन ने कहा सेना आगे जा रही है

जमीन छोड़ने की शर्त पर मतभेद है

कीवः कीव में आयोजित शांति वार्ता प्रतीकवाद से भरी रही। रूस के पूर्ण पैमाने पर किए गए आक्रमण के बाद पहली बार अमेरिकी दूत डोनाल्ड ट्रम्प के प्रतिनिधियों—स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर—ने यूक्रेन की धरती पर कदम रखा। रूसी ड्रोन के खतरे के कारण वे हवाई मार्ग के बजाय ट्रेन से यात्रा करके पहुँचे। यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की ने सेंट सोफिया कैथेड्रल में अमेरिकी प्रतिनिधियों का स्वागत किया। यह ऐतिहासिक स्थल शुक्रवार को सुरक्षा सेवाओं के मुख्यालय पर हुए रूसी ड्रोन हमले के स्थल से कुछ ही दूरी पर स्थित है।

दोनों पक्षों के बीच कई घंटों तक वार्ता हुई, जिसमें बाद में यूके के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जोनाथन पॉवेल सहित कुछ यूरोपीय सलाहकार भी शामिल हुए। सभी पक्षों ने वार्ता को सकारात्मक बताया और अमेरिका व यूरोप के साथ पूर्व त्रिपक्षीय वार्ता को पुनर्जीवित करने की उम्मीद जताई। हालाँकि, दोनों देशों के बीच बुनियादी मतभेद बने हुए हैं। मास्को से सीधे आए अमेरिकी दूतों को व्लादिमीर पुतिन ने बताया था कि रूस युद्ध के मैदान में महत्वपूर्ण बढ़त बना रहा है। इसके विपरीत, यूक्रेनी अधिकारियों का दावा है कि अगस्त में उन्होंने खोई हुई ज़मीन से अधिक क्षेत्र वापस हासिल किया है और रूस को 42,000 सैनिकों का नुकसान हुआ है।

पुतिन ने संघर्ष के मूल कारणों को हल करने की शर्त रखी है, जिसका अर्थ है कि यूक्रेन अपनी ज़मीन छोड़े, नाटो में शामिल होने की उम्मीद त्यागे और अपनी सेना का आकार घटाए। दूसरी ओर, जेलेंस्की ने स्पष्ट किया कि यूक्रेन को एक मजबूत सेना सहित सख्त और स्पष्ट सुरक्षा गारंटियों की आवश्यकता है। उन्होंने पूर्वी डोनबास क्षेत्र को छोड़ने का कोई संकेत नहीं दिया। यद्यपि अमेरिकी दूत विटकॉफ ने प्रगति का दावा किया, लेकिन स्वीकार किया कि दोनों पक्षों को समझौते के लिए झुकना होगा। फिलहाल, कीव को आने वाली सख्त सर्दियों के बीच लड़ाई जारी रहने की आशंका है। जेलेंस्की ने इस यात्रा के दौरान हवाई हमलों में मिले अल्पकालिक विराम के लिए आभार जताया।