बारह लोग मारे गये हैं जबकि 84 अस्पताल में
बाहर से शराब यहां लायी गयी थी
उपमुख्यमंत्री शुक्ल अस्पताल भी गये
जांच में मेथनॉल की मिलावट पायी गयी
भोपालः मध्य प्रदेश के सागर जिले में जहरीली शराब का संदिग्ध सेवन करने से 84 लोग उपचाराधीन हैं, जबकि बांदा तहसील में इस हादसे से लगभग एक दर्जन लोगों की जान चली गई है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
प्रभावित 84 लोगों में से 59 का इलाज बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (बीएमसी), 17 का जिला अस्पताल और सात का बांदा सिविल अस्पताल में चल रहा है। सागर कलेक्टर प्रतिभा पाल ने उप मुख्यमंत्री व सागर जिला प्रभारी मंत्री राजेंद्र शुक्ल की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में बताया कि एक गंभीर रूप से बीमार मरीज को एयरलिफ्ट कर एम्स भोपाल भेजा गया है। शुक्ल ने गहन चिकित्सा इकाइयों का दौरा कर मरीजों और उनके परिजनों से मुलाकात की तथा इलाज की व्यवस्थाओं की समीक्षा की।
प्राथमिक जांच से संकेत मिला है कि जहरीली शराब का निर्माण क्षेत्र से बाहर किया गया था और फिर स्थानीय स्तर पर आपूर्ति की गई। अधिकारियों ने शराब में मेथनॉल की मिलावट पाई है, जिससे अवैध आपूर्ति नेटवर्क के पैमाने को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। प्रशासन ने बताया कि प्रभावित मरीजों को जरूरी दवाएं, जांच सुविधाएं और डायलिसिस सेवाएं प्राथमिकता के आधार पर मुहैया कराई जा रही हैं।
डॉक्टरों ने कहा कि भर्ती मरीजों में से अधिकांश की स्थिति स्थिर है और उपचार के लिए आने वाले नए मरीजों की संख्या में कमी आई है। शुक्ल ने अधिकारियों को पूरे जिले में अवैध शराब के निर्माण और बिक्री के खिलाफ व्यापक अभियान चलाने का निर्देश दिया। उन्होंने सभी शराब दुकानों के निरीक्षण, उनके स्टॉक के सत्यापन और अवैध शराब व्यापार की विस्तृत जांच के आदेश दिए।
शुक्ल ने कहा, लापरवाह पाए जाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। सागर पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया ने बताया कि बांदा पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता और मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम के तहत 20 नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। विनायक पुलिस स्टेशन में भी 10 नामजद आरोपियों पर अलग से मामला दर्ज किया गया है।
विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया है और संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी जारी है। बांदा मामले में नामजद 20 आरोपियों में से 10 को अब तक हिरासत में ले लिया गया है। शुक्ल ने आश्वस्त किया कि पीड़ितों के इलाज में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस घटना ने क्षेत्र में अवैध शराब कारोबार पर फिर से सख्ती बढ़ा दी है।