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न्यायपालिका में भी स्वतंत्र भारद्वाज के लेकर गहमागहमी

न्यायिक हिरासत में भेजने के बाद हाईकोर्ट सक्रिय

लड़की के पिता पर जानलेवा हमला

वीडियो में अपना गुनाह कबूल किया

अचानक से हाईकोर्ट उदार होने लगा

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः दिल्ली की एक अदालत ने सोमवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर जुलाई में हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान एक किशोरी कॉकरोच जनता पार्टी कार्यकर्ता के पिता पर कथित हमले के मामले में स्वतंत्र भारद्वाज को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पटियाला हाउस कोर्ट के अपर सत्र न्यायाधीश सौरभ प्रताप सिंह लालेर ने भारद्वाज को एक दिन की पुलिस हिरासत खत्म होने के बाद अदालत में पेश किए जाने पर यह आदेश पारित किया। उन्हें इससे पहले शनिवार को एक दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया था। अब उन्हें 21 सितंबर को अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा।

मामले में अपनी गिरफ्तारी की मांग को लेकर सीजेपी द्वारा पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन के बाहर विरोध प्रदर्शन किए जाने के कुछ ही घंटों बाद, भारद्वाज को शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया गया था। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने नाबालिग कार्यकर्ता के पिता पर हुए कथित हमले के मामले में भारद्वाज के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी में एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम और आपराधिक धमकी से जुड़े प्रावधान जोड़ दिए थे। उनके खिलाफ पॉक्सो का मामला भी दर्ज किया गया है।

एक वीडियो पॉडकास्ट में सीजेपी प्रदर्शनकारी के पिता पर हमला करने का दावा वायरल होने के बाद भारद्वाज जांच के घेरे में आए थे। उस वीडियो में उन्होंने अपनी राजनीतिक पहुंच का भी बखान किया था। इस बीच, जुलाई में जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान हुए इस कथित हमले के मामले में स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी के संबंध में दिल्ली उच्च न्यायालय आज उनकी ओर से दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई करेगा।

मुख्य न्यायाधीश डी.के. उपाध्याय की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष भारद्वाज के वकील, एडवोकेट उमेश शर्मा ने इस मामले का उल्लेख किया। शर्मा ने कहा कि भारद्वाज तीन दिनों से हिरासत में हैं, जिसके बाद अदालत ने मामले की आज ही त्वरित सुनवाई की अनुमति दे दी। इससे पूरे न्याय जगत में भाजपा के प्रभाव को आंका जा रहा है। इससे पहले कई ऐसे ही मामलों में प्रमुख राजनेताओँ तक को ऑनलाइन पेश होने की अनुमति नहीं दी गयी थी। कई लोग बीमार होने के बाद व्हीलचेयर पर बैठकर अदालत पहुंचे थे। अब इस कट्टर हिंदूवादी युवक के आक्रामक बयान के सार्वजनिक होने के बाद भी हाई कोर्ट अचानक दरियादिली दिखा रहा है।