जंगल के अवैध शिकारियों पर है लोगों को संदेह
कार्बी आंगलोंग की सीमा पर मिला शव
शरीर में गोलियों के कई निशान मिले
अब आस पास के लोग सतर्क हुए
उत्तर पूर्व संवाददाता
गुवाहाटीः असम के नौगांव और कार्बी आंगलोंग जिले की सीमा पर स्थित पुली बागान इलाके में शुक्रवार को एक व्यस्क जंगली हाथी का शव मिलने से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। मृत हाथी के शरीर पर कई स्थानों पर गोलियों के गहरे निशान पाए गए हैं, जिससे इस बात का गहरा संदेह जताया जा रहा है कि इस बेजुबान जानवर की गोली मारकर बेरहमी से हत्या की गई है। इस घटना के सामने आने के बाद स्थानीय निवासियों और वन्यजीव प्रेमियों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।
घटना की जानकारी सबसे पहले इलाके के ग्रामीणों को हुई, जिन्होंने पुली बागान के पास हाथी को अचेत अवस्था में पड़ा देखा। जब पास जाकर देखा गया, तो हाथी के सिर और पेट के निचले हिस्से पर बंदूक की गोलियों के साफ और गहरे घाव मौजूद थे। ग्रामीणों ने तुरंत इस बात की सूचना स्थानीय पुलिस और वन विभाग को दी। शरीर पर बने घावों की बनावट और स्थिति से स्पष्ट होता है कि उस पर बहुत करीब से या फिर शक्तिशाली आग्नेयास्त्रों से वार किया गया है।
हाथी की मौत की परिस्थितियों को लेकर स्थानीय लोगों के बीच अलग-अलग कयास लगाए जा रहे हैं। कुछ ग्रामीणों का मानना है कि इस घटना के पीछे संगठित शिकारियों का हाथ हो सकता है, जो अंतरराष्ट्रीय बाजारों में हाथीदांत और मांस की अवैध तस्करी करने के लिए हाथियों को अपना निशाना बनाते हैं। वहीं, कुछ अन्य निवासियों का तर्क है कि पहाड़ियों और आसपास के खेतों में फसल उगाने वाले किसानों ने अपनी फसलों को नुकसान से बचाने के लिए मानव-हाथी संघर्ष के तहत उस पर गोली चलाई होगी।
घटना की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग की एक उच्चस्तरीय टीम पशु चिकित्सकों के साथ मौके पर पहुंची और आवश्यक प्रक्रिया शुरू की। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच कराने की मांग की है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि हाथी को जानबूझकर किस उद्देश्य से मारा गया। वन अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सटीक कारणों और प्रयुक्त हथियार की पुष्टि हो सकेगी। फिलहाल वन विभाग ने अज्ञात अपराधियों के खिलाफ मामला दर्ज कर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत जांच शुरू कर दी है।