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स्पेनिश अदालत में मामले की जांच में भारतीय कंपनी भी

बीएलएस इंटरनेशलन को वीजा धोखाधड़ी में आरोपी बनाया

रोमः स्पेनिश राष्ट्रीय न्यायालय ने अल्जीयर्स में स्पेनिश वाणिज्य दूतावास में कथित वीजा धोखाधड़ी मामले की अपनी जांच का दायरा बढ़ाते हुए इसमें भारतीय कंपनी बीएलएस को भी शामिल कर लिया है। स्पेनिश मीडिया के अनुसार, यह जांच अप्रैल में दो लोगों—वाणिज्य दूतावास के चांसलर विसेंट मोरेनो और स्थानीय कर्मचारी मोहम्मद बौटौचेंट—की गिरफ्तारी के बाद शुरू हुई थी।

इस मामले की देखरेख राष्ट्रीय न्यायालय की न्यायाधीश मारिया तार्डन कर रही हैं। अल्जीरिया स्थित स्पेनिश दूतावास के आधिकारिक संचार के बाद शुरू हुई इस जांच में आंतरिक मंत्रालय के अधिकारियों ने शेन्जेन वीजा के फर्जी जारी करने के माध्यम से अवैध कमाई करने वाले एक कथित नेटवर्क का खुलासा किया था।

अप्रैल में विसेंट मोरेनो और मोहम्मद बौटौचेंट को गिरफ्तार किया गया था। जांच के अनुसार, यह नेटवर्क वीजा, निवास परमिट और स्व-रोजगार के लिए वर्क परमिट प्राप्त करने की प्रक्रिया में अनियमितताओं में शामिल था, जिसका उद्देश्य अल्जीरियाई नागरिकों को शेन्जेन क्षेत्र के देशों में प्रवेश दिलाने में मदद करना था। कई मामलों में आवेदक औपचारिक आवश्यकताओं को पूरा नहीं करते थे। नेटवर्क के सदस्यों ने सत्यापित, बदले गए या फर्जी दस्तावेजों के आधार पर आवेदन तैयार करने में मदद की। कुछ मामलों में रिश्वत की रकम प्रति परिवार 27,93,500 रुपये तक पहुंच गई थी।

जांच अब उन कंपनियों तक फैल गई है जो अपॉइंटमेंट बुक करने और दस्तावेजों का प्रबंधन करने जैसी प्रशासनिक सेवाएं प्रदान करती हैं। राष्ट्रीय न्यायालय ने विशेष रूप से बीएलएस का उल्लेख किया है, जो वीजा अपॉइंटमेंट प्रक्रिया को संभालती है। जांच के अनुसार, कुछ कर्मचारियों ने कथित तौर पर आवेदन तैयार करने में सहायता की और नेटवर्क को भुगतान करने वाले परिवारों की पहचान की।

वर्ष 2016 में स्पेनिश विदेश मंत्रालय ने दुनिया भर के कई वाणिज्य दूतावासों में वीजा अपॉइंटमेंट और दस्तावेजीकरण को संभालने के लिए बीएलएस को 19.55 अरब रुपये का अनुबंध दिया था। यह कार्य मुख्य रूप से रूस, चीन, भारत, मघरेब, फारस की खाड़ी और दक्षिण-पूर्वी एशियाई देशों में किया जाता था।

पुलिस ने भ्रष्टाचार विरोधी अभियोजन पक्ष के समर्थन से जजीरा-कोवा नामक इस अभियान को अंजाम दिया। पुलिस ने सागुंटो और टोरेविएजा में छापेमारी कर लगभग 12,16,848 रुपये नकद, चार मोबाइल फोन और दो लैपटॉप जब्त किए। राष्ट्रीय न्यायालय ने मैड्रिड में एक संपत्ति और कई वित्तीय संपत्तियों को फ्रीज करने का भी अनुरोध किया है। आरोपियों पर मनी लॉन्ड्रिंग, विदेशी नागरिकों के अधिकारों के खिलाफ अपराध और आधिकारिक दस्तावेजों की निरंतर जालसाजी सहित पांच गंभीर आरोप लगाए गए हैं।