एनटीए ने छह सौ विशेषज्ञों को टीम से हटाया
नये विशेषज्ञों को लाया जा रहा है
सुरक्षा के नये नये दावे किये गये
अंदर कौन चोर था, पता नहीं चला
राष्ट्रीय खबर
नईदिल्लीः राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी ने अपनी पूरी परीक्षा प्रणाली और व्यवस्था में व्यापक सुधार करने तथा सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता बनाने के उद्देश्य से अपने परीक्षा दल में से 600 विशेषज्ञों को हटा दिया है और उनकी जगह पर नए विशेषज्ञों को शामिल करना शुरू कर दिया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा एनटीए से संपूर्ण प्रणाली में सुधार के संबंध में एक विस्तृत रिपोर्ट मांगे जाने के ठीक एक दिन बाद यह बड़ा कदम उठाया गया है।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रहलाद जोशी के साथ हुई उच्चस्तरीय बैठक में यह निर्देश दिए गए थे कि परीक्षाओं के सुचारू, पारदर्शी और सुरक्षित संचालन के लिए सभी आवश्यक सुरक्षा तथा संबंधित बुनियादी ढांचागत सुविधाओं को जल्द से जल्द सुनिश्चित किया जाए। इसी क्रम में, एनटीए ने चार-स्तरीय प्रश्न पत्र जांच प्रणाली स्थापित करने, अपने कार्यालयों को अधिक सुरक्षित परिसरों में स्थानांतरित करने और 20 से अधिक वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल करने की घोषणा की है।
अधिकारियों के अनुसार, एनटीए अपनी गोपनीय संचालन वास्तुकला में भी पूर्ण बदलाव कर रहा है, जिसके तहत अलग-थलग कमरे, एयर-गैप्ड सिस्टम और प्रश्न पत्र तैयार करने वाले गोपनीय कर्मचारियों के लिए कड़े डिवाइस-डिपॉजिट प्रोटोकॉल लागू किए जा रहे हैं। इसके अलावा, साइबर सुरक्षा, साइकोमेट्रिक्स और प्रश्न-पत्र डिजाइन जैसे विशिष्ट क्षेत्रों के लिए निजी क्षेत्र से डोमेन विशेषज्ञों और पेशेवरों को भी ऑनबोर्ड किया जा रहा है। यह पूरा ढांचागत बदलाव हाल ही में हुई कुछ परीक्षा संबंधी गड़बड़ियों और तकनीकी कमियों के बाद उठाया गया एक निवारक कदम है, ताकि भविष्य में परीक्षा प्रणाली की शुचिता और विश्वसनीयता पूरी तरह से सुरक्षित रखी जा सके।यह सारी कार्रवाई अब की जा रही है जबकि पेपर लीक प्रमाणित हो चुका है और एजेंसी के भीतर इसके लिए कौन जिम्मेदार था, इस पर आज भी पर्देदारी ही है।